जयपुरः किसी भी विकास कार्य की निगरानी के लिए फील्ड अभियंता के तौर पर कनिष्ठ अभियंता की अहम जिम्मेदारी होती है. लेकिन प्रदेश भर के निकायों में इन्हीं कनिष्ठ अभियंताओं के करीब 95 फीसदी पद खाली हैं. आखिर क्यों है ऐसे हालात.
प्रदेश भर के नगर सुधार न्यास और विकास प्राधिकरण में कनिष्ठ अभियंताओं के पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी नगरीय विकास विभाग की है. लेकिन नगरीय विकास विभाग की ओर से लंबे समय से इन पदों पर भर्ती नहीं की गई. हाल ही 109 कनिष्ठ अभियंताओं की सहायक अभियंता के पद पर पदोन्नति की गई है. इसके चलते कनिष्ठ अभियंताओं के खाली पदों की संख्या में और इजाफा हो गया. वर्तमान में कनिष्ठ अभियंताओं के करीब 95 फीसदी पद खाली है.
चाहिए 845 लेकिन मौके पर तैनात है महज 44
10 हजार करोड़ के कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे 44 JENs
जबकि जरूरत के अनुसार होने चाहिए 845 JENs
प्रदेश के निकायों में चल रहे हैं 10 हजार करोड़ के विकास कार्य
प्रदेश भर के निकायों में कितने होने चाहिए कनिष्ठ अभियंता
गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों के लिए कितने होने चाहिए कनिष्ठ अभियंता
इसके लिए नगरीय विकास विभाग ने किया था कैडर स्टेंथ रिव्यू
रिव्यू में कनिष्ठ अभियंताओं के कुल 845 पद किए हैं स्वीकृत
इससे पहले कनिष्ठ अभियंताओं के कुल पद थे 822
स्वीकृत 845 में से 801 पद चल रहे हैं लंबे समय से खाली
पिछले 16 वर्षों से भर्ती नहीं होने के चलते ये पद चल रहे हैं खाली
फील्ड में तैनात कनिष्ठ अभियंताओं के करीब 95% पद हैं खाली
पदोन्नति के कारण 109 कनिष्ठ अभियंता और हो गए कम
हाल ही नगरीय विकास विभाग की ओर से की गई पदोन्नति
109 कनिष्ठ अभियंताओं (सिविल) को किया गया पदोन्नत
पदोन्नति से पहले कनिष्ठ अभियंता सिविल के 652 पद थे खाली
लेकिन पदोन्नति के बाद खाली पदों की संख्या हो गई 761
मौके पर चल रहे विकास कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने,
उन्हें निर्धारित मापदंडों के तहत पूरा कराने और
किए गए कार्य के भुगतान में कनिष्ठ अभियंता की है अहम जिम्मेदारी
कुल जरूरत के 5 प्रतिशत कनिष्ठ अभियंता ही हैं फील्ड में तैनात
प्रदेश में गठित हैं 7 प्राधिकरण और 12 नगर सुधार न्यास
इन 19 नगरीय निकायों में मौके पर चल रहे कार्यों और
जल्द शुरू किए जाने वाले प्रस्तावित कार्यों की लागत है 10 हजार करोड़
नगरीय विकास विभाग ने वर्ष 2010 में की थी JENs की भर्ती
इसके बाद भर्ती नहीं होने के कारण करीब 95%पद चल रहे हैं खाली
JENs भर्ती के लिए UDH ने वित्त विभाग को भेजा था प्रस्ताव
तब वित्त विभाग ने पहले कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू की बताई थी जरूरत
नगरीय विकास विभाग की ओर से किया जा चुका है कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू
पिछले वर्ष सितंबर में किया जा चुका है कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू
रिव्यू के नौ महीने बीतने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया नहीं हो पाई शुरू
534 के बजाए 24 कनिष्ठ अभियंता ही कर रहे काम
जयपुर विकास प्राधिकरण में कनिष्ठ अभियंताओं की कमी
नगरीय विकास विभाग के कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू के मुताबिक
जेडीए में कनिष्ठ अभियंताओं के कुल 534 पद हैं स्वीकृत
लेकिन इनमें से 24 पदों पर ही कनिष्ठ अभियंता कर रहे काम
बड़ी संख्या में 510 कनिष्ठ अभियंताओं के पद हैं खाली
जबकि जेडीए में एलिवेटेड रोड,फ्लाई ओवर,ROB,
अंडरपास,पार्किंग,ड्रैनेज प्रोजेक्ट के चल रहे कार्य
करीब 2 हजार करोड़ रुपए चल रहे हैं कार्य
जबकि करीब 900 करोड़ रुपए के सेक्टर रोड रोड के कार्य
कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती नहीं होने से जहां एक तरफ निकायों की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यों की पर्याप्त मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही हैं, वहीं बेरोजगार युवाओं की उम्मीदें भी अधूरी रह गई.
नियमों के लागू नहीं होने से अटकी है भर्ती
UDHसेवा के कनिष्ठ अभियंताओं की अटकी है भर्ती
नगरीय विकास विभाग ने नए भर्ती नियमों का प्रारूप किया है तैयार
इन नियमों के प्रारूप पर वित्त विभाग दे चुका है हरी झंडी
लेकिन यह मामला कार्मिक विभाग में लंबे समय से है लंबित
कार्मिक विभाग की स्वीकृति के बाद ही नए भर्ती नियम होंगे लागू
इन नियमों के लागू होने के बाद ही शुरू हो पाएगी भर्ती प्रक्रिया
कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू के बाद जगी थी बेरोजगार युवाओं को उम्मीद
कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती शुरू होने की जगी थी उम्मीद
लेकिन नौ महीने बीतने के बावजूद शुरू नहीं हुई भर्ती प्रक्रिया
नगरीय विकास विभाग में कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती का मामला
सितंबर 2025 में UDH सेवा के अभियंताओं का किया था रिव्यू
अभियंताओं की कैडर स्ट्रेंथ का किया गया था रिव्यू
रिव्यू के बावजूद भर्ती प्रक्रिया नहीं हो पाई शुरू
नए भर्ती नियमों की मंजूरी नहीं मिलने कारण नहीं हो पाई शुरू