राजस्थान में पुलिसिंग का नया चेहरा आ रहा सामने, सामुदायिक पुलिसिंग को और मजबूत बनाने के लिए पहल, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः प्रदेश में सामुदायिक पुलिसिंग को नई दिशा देते हुए पुलिस मुख्यालय ने युवाओं को सीधे पुलिस व्यवस्था से जोड़ने का बड़ा फैसला लिया है. डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की पहल पर अब राजस्थान में “युवा सामुदायिक समन्वय समूह का गठन किया जाएगा. इसके लिए विस्तृत एसओपी जारी कर दी गई है

PHQ से जारी SOP के अनुसार तहत 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को इस समूह का सदस्य बनाया जा रहा है , अभी तक 29 जिलों में 14 हज़ार से अधिक युवा सीएलजी के सदस्य बनाये जा चुके हैं . इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा का उपयोग कर समाज में बढ़ते नशे, साइबर अपराध, छेड़छाड़, ट्रैफिक उल्लंघन और अन्य सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है. पुलिस विभाग का मानना है कि युवाओं की भागीदारी से अपराध रोकथाम के साथ-साथ जन-जागरूकता भी तेजी से बढ़ेगी. SOP के अनुसार यूथ सीएलजी का गठन जिला, थाना और बीट स्तर पर किया जाएगा. जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को इसका प्रभारी बनाया जाएगा, जबकि थाना स्तर पर थाना अधिकारी और बीट स्तर पर बीट प्रभारी इसकी निगरानी करेंगे. प्रत्येक स्तर पर अनुभवी सदस्यों को संयोजक और सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी जाएगी, जिससे समूह का संचालन प्रभावी ढंग से हो सके.Y-CLG की बैठक प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में आयोजित की जाएगी. बैठकों में लिए गए निर्णयों और गतिविधियों की रिपोर्ट फोटो सहित जिला पुलिस अधीक्षक को भेजना अनिवार्य होगा. इसके अलावा, समूह द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा और बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा.   

युवा CLG के सदस्य स्कूलों और कॉलेजों में नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाएंगे. डिजिटल फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाव के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी. इसके साथ ही सामाजिक समरसता, लैंगिक संवेदनशीलता और विधिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए भी अभियान चलाए जाएंगे. यह समूह खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण जैसे आयोजनों में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा. मेलों, त्योहारों और सार्वजनिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करेगा. आपदा की स्थिति—जैसे बाढ़, भूकंप या महामारी—में भी यह समूह राहत कार्यों में मदद करेगा. Y-CLG के लिए सदस्यों का चयन स्थानीय स्तर पर आवेदन, साक्षात्कार और पुलिस सत्यापन के आधार पर किया जाएगा. केवल अच्छे चरित्र और सामाजिक प्रतिष्ठा वाले युवाओं को ही शामिल किया जाएगा. जिन व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो सक्रिय राजनीति में हैं या जिन पर किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होने का संदेह है, उन्हें सदस्य नहीं बनाया जाएगा. समूह के सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा. हर वर्ष एक-तिहाई सदस्यों को बदलकर नए युवाओं को अवसर दिया जाएगा. यदि कोई सदस्य निष्क्रिय रहता है या अनुशासनहीनता करता है, तो उसे पहले ही हटाया जा सकेगा. वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों का कार्यकाल बढ़ाने का प्रावधान भी रखा गया है.