जयपुरः राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी RGHS में भुगतान को लेकर निजी अस्पतालों ने भले ही मोर्चा खोल रखा है, लेकिन चिकित्सा विभाग की माने तो योजना को लगातार सुदृढ़ बनाया जा रहा है. पिछले दो सालों में योजना के तहत अस्पतालों एवं फार्मेसी स्टोर्स को करीब 7200 करोड़ का भुगतान किया गया है. अकेले अप्रेल माह में करीब 300 करोड़ रुपए और मई माह में करीब 150 करोड़ की राशि जारी की गई है. साथ ही बकाया भुगतान भी चरणबद्ध रूप से शीघ्र किए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं.
आरजीएचएस योजना में भुगतान को लेकर जारी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. पिछले एक माह से निजी अस्पतालों ने योजना के तहत फ्री इलाज से दूरी बनाने का दावा कर रखा है, जबकि चिकित्सा विभाग की माने तो फील्ड में सुचारू कामकाज जारी है. निजी अस्पतालों के आंदोलन के बीच चिकित्सा विभाग ने योजना के आंकड़े सार्वजनिक किए है, जिसमें दावा किया गया है कि योजना में भुगतान व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, नियमित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाए गए है. चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मुताबिक विगत दो वर्ष में योजना के तहत अस्पतालों एवं फार्मेसी स्टोर्स को करीब 7200 करोड़ का भुगतान किया गया है. इस दौरान अस्पतालों को 4000 करोड़ रुपये तथा फार्मेसियों को 3,200 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है. निजी अस्पतालों के आंदोलन को लेकर खींवसर ने कहा है कि विभाग का प्रयास है कि योजना के तहत अस्पताल एवं फार्मेसी स्टोर का भुगतान समय पर हो और बिना किसी अनियमितता के पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ मिले.
आरजीएचएस से दूरी बना रहे अस्पतालों पर पैनी नजर
निजी अस्पतालों के आंदोलन पर एक्टिव मोड में चिकित्सा विभाग
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अप्रेल में 660 में से 415 अस्पतालों ने किया काम
हालांकि,अधिकांश अस्पतालों में पहले की अपेक्षा में टीआईडी कम जनरेट
लेकिन फिर भी अप्रेल में करीब 4 लाख टीआईडी जनरेट की गई
अब ऐसे सभी अस्पतालों की हो रही मुख्यालय स्तर से सख्त मॉनिटरिंग
जिन्होंने आंशिक भुगतान मिलने के बावजूद रोक रखा मरीजों का इलाज
आगामी भुगतान में ऐसे चिन्हित अस्पतालों को झेलनी पड़ सकती कटौती
विभाग की माने तो वर्ष 2021-22 में योजना में 364 करोड़ रुपए का हुआ भुगतान
जो बढ़ते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 3,470 करोड़ रुपये तक पहुंच गया
योजना के तहत व्यय में हो रही निरंतर वृद्धि सरकार की कल्याणकारी सोच को दर्शाती है
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक भुगतान प्रक्रिया को लगातार सुधारने के हो रहे प्रयास
वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 2 हजार 900 करोड़ रुपए किए जा चुके जारी
निजी अस्पतालों के आंदोलन को देखते हुए खुद चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर डे-टू-डे मॉनिटरिंग में जुटे है. उन्होंने बताया कि अप्रेल माह में करीब 300 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है तथा मई माह में करीब 150 करोड़ की राशि जारी की गई है. इसके साथ ही ये भी दावा किया गया है कि अधिकांश अस्पताल योजना के तहत उपचार उपलब्ध करवा रहे हैं. पिछले दो दिनों को देखे तो 4 मई को करीब 14 हजार टीआईडी अस्पतालों ने जनरेट की गई है. जबकि फार्मेसी पर टीआईडी जनरेशन का आंकड़ा 15 हजार के आसपास रहा. हालांकि, निजी अस्पतालों का दावा इसके बिल्कुल विपरित है, जिसके चलते मरीज भी असमंजस में है कि कहां इलाज कराए ?