बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में सुनवाई कार्यक्रम, मंत्री दरबार में तबादलों की अर्जी दर अर्जी ! देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में सुनवाई का दौर तो शुरु हो गया और फिर तबादलों की परिवेदनाओं ने उन्हें घेर लिया. तबादलों पर लगी रोक से राहत देने की मांग उठी. उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जनजाति विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी ने सुनवाई की. राज्य वर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर तबादलों पर निर्णय लिया जाता है.

बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में लगातार दूसरे दिन सुनवाई का दौर चला. उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना. करीब 90परिवेदनाएं आई इनमें से सर्वाधिक रही तबादलों की अर्जियां. पार्टी कार्यालय में आने वाले कार्यकर्ताओं से पहले एक फ़ॉर्म भरवाया जा रहा है, जिसके आधार पर उन्हें अंदर मौजूद मंत्रियों के पास भेजा जा रहा है. मीडिया से बातचीत में राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान राजस्व, सीवरेज सहित कई विभागों से जुड़े मुद्दे सामने आए. उन्होंने कहा कि सबसे अधिक शिकायतें तबादलों से संबंधित थीं. जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार इन मामलों को संबंधित विभागों को भेजकर निस्तारण कराया जाएगा, कुछ अर्जियों को मुख्यमंत्री स्तर पर राहत के लिए रेफर किया है. इसके ही एक विस्तृत सूची भी तैयार की जाएगी, जिसमें प्राथमिकता के आधार पर तबादलों पर निर्णय लिया जाएगा. जनजातीय मंत्री बाबुल खराड़ी ने कहा कि आम जन की सुनवाई के लिए पार्टी कार्यालय में जनसुनवाई का कार्यक्रम किया जा रहा है. मंत्री अपने आवास पर भी समस्याओं को सुनते हैं, लेकिन पार्टी कार्यालय पर कार्यकर्ता आसानी से स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर पहुंच पाते है. सरकार की कोशिश है कि हर एक व्यक्ति को राहत दी जाए. 

बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत के बयानों पर निशाना साधा. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के बार-बार दिल्ली जाने को लेकर लगाए गए आरोपों पर कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पलटवार किया. उन्होंने कहा, भाजपा कांग्रेस की तरह नहीं है. हमारी डबल इंजन सरकार जनता और प्रदेश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली जाती है, जबकि कांग्रेस सिर्फ एक परिवार के हितों की सेवा में दिल्ली का रुख करती है. कांग्रेस नेता दिल्ली एक परिवार के ठोक लगाने जाते थे, हमारी सरकार केन्द्री सरकार से मिलने जाती है और प्रदेश के लिए कई सौगातें लेकर आती है. राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाकारा , निक्कमा शब्द पहले भी इस्तेमाल किये, वो भी उनकी पार्टी के नेताओं के लिए. इस लिए उनका जनता से कोई सरोकार नहीं है. जनसुनवाई के दौरान कार्यकर्ताओं से संबंधित दस्तावेज भी एकत्रित किए गए, जिन्हें विभागीय अधिकारियों को समाधान हेतु भेजा गया.