लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रखी आधुनिक कन्या छात्रावास की नीव, बेटियों की शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा, देखिए खास रिपोर्ट

कोटाः हाड़ौति के राजपूत समाज ने कन्या शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुये भीम राजपूत छात्रावास,कोटा के परिसर में आज आधुनिक बहुमंजिला राजमाता शिवकुमारी कन्या छात्रावास की नींव रखी. संभागीय अध्यक्ष रावत भंवर सिंह घाटी के नेतृत्व में शिक्षा को समर्पित अंचल की संस्था हाड़ौति क्षत्रिय शिक्षा प्रचारिणी समिति के कार्यक्रम में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा के पूर्व राजघराने के महाराव इज्यराज सिंह और महारानी विधायक कल्पना देवी के साथ छात्रावास की नींव रखी और कहा कि राजपूत समाज के शौर्य और वीरता की कहानियां विदेशों तक सुनने को मिलती हैं..लेकिन आज का समय कलम की ताकत को भी मजबूत करने का हैं.

हाड़ौति के राजपूत समाज की प्रमुख संस्था हाड़ौति क्षत्रिय शिक्षा प्रचारिणी समिति ने अब बेटियों की आधुनिक शिक्षा के लिये एक जी प्लस थ्री कन्या छात्रावास के निर्माण की पहल की हैं.लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला और पूर्व महाराव इज्यराज सिंह ने विधायक कल्पना देवी और समिति अध्यक्ष रावत भंवर सिंह घाटी के साथ आज भीम राजपूत कन्या छात्रावास के नवीव भवन की नींव रखी. इस दौरान आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि बूंदी के तारागढ से लेकर कोटा के गढ पैलेस तक हाड़ौति समेत पूरे प्रदेश और देश में राजपूतकाल के समृद्व इतिहास और विरासत के प्रेरणास्रोत आज भी मौजूद हैं और यहां की हाड़ी रानी के बलिदान और कई सूरमाओं द्वारा दिखाये शौर्य की कहानियॉ तो विदेशी संग्रहालयों तक में देखी जा सकती हैं.

समारोह के दौरान पूर्व सांसद और कोटा के पूर्व राजघराने के महाराव इज्यराजसिंह ने छात्रावास को 11 लाख की राशि देने की घोषणा की तो वहीं भामाशाह चंदनसिंह शक्तावत की तरफ से 11 लाख की राशि का ऐलान हुआ..इस दौरान इस पहल में भागीदारी निभाने वाले सभी समाज भामाशाहों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया. अध्यक्ष रावत भंवर सिंह घाटी ने दावा किया कि भीम राजपूत छात्रावास में आधुनिक कन्या छात्रावास उनका ड्रीम प्रोजेक्ट हैं और एक साल के भीतर 51 कमरों का 5 करोङ का ये प्रोजेक्ट शुरु भी हो जायेगा.    

समारोह के दौरान राजपूत समाज की तरफ से लोक सभा अध्यक्ष औऱ पूर्व महाराव इज्यराज सिंह का कोटा की पाग और तलवार भेंट करके अभिनंदन किया गया और सभी ने सामूहिक संकल्प लिया कि किसी समय में तलवार की धार से शौर्य का बेमिसाल इतिहास लिखने वाला हाङौति अब अपनी क्षत्राणियों की कलम की धार से अपने उज्जवल इतिहास में कन्या शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के भी स्वर्ण अक्षर जोङेगा.