जयपुरः 396 साल बाद दुर्लभ महासंयोग बन रहा है. सोमवती अमावस्या, मिथुन संक्रांति और अधिक मास का आज अंतिम दिन है. एक साथ 3 शुभ योग बन रहे है, ऐसे में स्नान-दान और पूजा का विशेष महत्व है. सोमवती अमावस्या पर दुर्लभ संयोग, 396 साल बाद ऐसा अवसर मिला रहा है. आज शिव, विष्णु, सूर्य और पितृ आराधना का विशेष संयोग है.
सुबह 8:23 बजे तक स्नान-दान का विशेष पुण्यकाल, मिथुन संक्रांति दोपहर 12:49 बजे, आज सूर्य मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. 1630 के बाद पहली बार बना ऐसा संयोग,अब 2327 में अगला अवसर मिलेगा. पीपल और शिव पूजा के लिए विशेष शुभ दिन है. सोमवती अमावस्या के साथ आज अधिक मास का समापन होगा.