भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ बोले-पहले नरेगा थी उसे किया मनरेगा और अब VB-G-Ram-G कानून बनाया

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ बोले-पहले नरेगा थी उसे किया मनरेगा और अब VB-G-Ram-G कानून बनाया

जयपुर: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कह कि पहले नरेगा थी उसे मनरेगा किया गया. अब VB-G-Ram-G कानून बनाया गया है. मनरेगा में कई प्रकार का फर्जीवाड़ा और भ्रष्टाचार था. पहले कई जॉब कार्ड स्थानीय सरपंचों के पास मिले. लोगों के पसीने की गाढ़ी कमाई भ्रष्टाचार में जा रही थी. अब इसे दुरुस्त किया गया है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पहले 100 दिन थे अब 125 दिन का रोजगार दिया जा रहा है. फसल की बुआई-कटाई के समय VB-G-Ram-G को बंद किया गया है. इसकी आलोचना वह लोग कर रहे हैं जिनकी कमाई बंद हो गई है. रोजगार आजीविका मिशन से राम बन गया तो उनको ऐतराज हो रहा है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि अलग-अलग शब्दों को जोड़ने से राम नाम बन गया तो ऐतराज क्यों हो रहा है. 2004 से अभी तक मनरेगा चल रहा था 11.74लाख करोड़ खर्चा हुआ था. उसमें से हमारी सरकार ने 8.53 लाख करोड़ खर्च किए.

आपको बता दें कि बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया. बीजेपी के VB G RAM G पर कहा कि हम तो रोजगार देना चाहते हैं. नाम तो शब्दों से बन गया. हमने लोक भवन, कर्तव्य पथ जैसे नाम किए. हमने पेमेंट की अवधि तय की. मजदूर का पेमेंट लेट करने पर पेनल्टी लगेगी. विरोध उचित हो सही हो. हमने बिचौलियों को रोक दिया. इससे कांग्रेस नेताओं के पेट में दर्द हो रहा.

पहले मनरेगा में 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन अब 125 दिन काम करने के दिन बढ़ा दिए कानून में संशोधन करके. वनवासी क्षेत्र में इसका अतिरिक्त 25 दिन कार्य दिवस और बढ़ा दिए. मतलब वनवासी क्षेत्र में 150 दिन कार्य दिवस कर दिए गए. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने VB-G-Ram-G पर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि G-RAM-G से इन्हें क्या एतराज हो सकता है. फिर भी विपक्षी दल इस पर आपत्ति उठा रहे हैं. 

केवल नाम जोड़कर G-RAM-G (राम) बन गया तो कांग्रेस व विपक्ष दलों को आपत्ति हो रही है. कई सवाल आएंगे कि महात्मा गांधी के नाम को सरकार ने क्यों चेंज किया, लेकिन कांग्रेस के समय भी इस योजना का नाम बदलकर जवाहर रोजगार योजना किया गया. बाद में इसका नाम 'नरेगा' किया गया और 2005 में इसे 'मनरेगा' कर दिया. मतलब कांग्रेस ने क्या पहले जवाहर लाल जी का नाम बदलकर अपमान किया. 

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आखिर कांग्रेस नाम बदलने पर क्यों बवाल कर रही है. पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मंत्री रहे रमेश मीणा ने आरोप लगाए थे. मनरेगा के कामों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. जब खुद कांग्रेस के नेताओं ने उसे समय भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो, हमने तो भ्रष्टाचार दूर करने के लिए कानून में संशोधन किया और इस कानून को और पारदर्शी बनाया.