VIDEO: इलेक्ट्रिक वाहनों की फील्ड में "चार्जिंग" होगी आसान, पीएम ई-ड्राइव योजना में केन्द्र से राजस्थान को बड़ा आवंटन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल उपभोक्ताओं के लिए नई सौगात लेकर आई है. केन्द्र सरकार ने राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम को प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 81.12 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है. योजना के तहत प्रदेश के 262 स्थानों पर कुल 591 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.इससे राज्य में ईवी चार्जिंग के आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी.मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान देश में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल है.

राज्य में ग्रीन एनर्जी नेटवर्क का विस्तार करते हुए इसे और प्रभावी बनाने की दिशा में निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. इसी क्रम में राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के अंतर्गत प्रदेश में नए ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था, जिसमें अब 262 स्थानों पर कुल 591 ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाने की मंजूरी मिली है. ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने इस मंजूरी के लिए केन्द्र सरकार का आभार जताया है.उन्होंने कहा है कि इस पहल से राज्य में प्रदूषण रहित इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और स्वच्छ, हरित ऊर्जा को आमजन तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त होगा.

एक नजर में पीएम ई-ड्राइव:
-योजना का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहित करना है
-इसके लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना
-देश में मजबूत ईवी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है

सर्वाधिक 112 चार्जिंग स्टेशन अकेले जयपुर में होंगे स्थापित:
-योजना के अनुसार जयपुर में 112, अजमेर में 49, उदयपुर में 39 तथा
-कोटा में 28 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे
-इसके अतिरिक्त 34 चार्जिंग स्टेशन राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों पर स्थापित किए जाएंगे
-इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ईवी उपयोगकर्ताओं को सुविधा मिलेगी

राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के सीएमडी रोहित गुप्ता ने योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ये सभी चार्जिंग स्टेशन विभिन्न सरकारी विभागों की उपलब्ध भूमि पर स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए बकायदा निविदा प्रक्रिया होगी, जिसमें सफल प्रतिभागियों को स्टेशन लगाने का मौका मिलेगा.