नई दिल्ली : देश में सरकारी स्कूलों की हालत "खस्ता" होती जा रही है. बीते एक दशक में 8 प्रतिशत सरकारी स्कूल घटे हैं. 11149 सरकारी स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं.जबकि 5694 सरकारी स्कूलों में नामांकन "जीरो" है.
ऐसे हालातों के चलते पूर्व के सालों में कई सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए हैं. जबकि 1.25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा सालाना शिक्षा पर खर्च हो रहा है. इसके बावजूद निजी शिक्षण संस्थानों के सामने सरकारी स्कूल टिक नहीं पा रहे हैं. हालांकि सरकार इनको विभिन्न कारणों से संचालित करके हर साल नामांकन बढ़ाने पर जोर देती है.
लेकिन सरकारी स्कूलों के इन हालातों के पीछे सबसे अधिक निजी स्कूलों का दबदबा है. देशभर में 14.72 लाख से ज्यादा स्कूल है, जिनमें करीब 3.50 लाख निजी स्कूल शामिल हैं. आंकड़े में देश में सरकारी स्कूल ज्यादा हैं, लेकिन निजी स्कूलों की संख्या हर साल बढ़ रही है.
देश में सरकारी स्कूलों की हालत होती जा रही "खस्ता" !
-बीते एक दशक में घटे 8 प्रतिशत सरकारी स्कूल
-11149 सरकारी स्कूल चल रहे केवल एक शिक्षक के भरोसे
-जबकि 5694 सरकारी स्कूलों में नामांकन "जीरो"
-ऐसे हालातों के चलते पूर्व के सालों में कई सरकारी स्कूल कर दिए गए बंद
-जबकि 1.25 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा सालाना हो रहे शिक्षा पर खर्च
-इसके बावजूद निजी शिक्षण संस्थानों के सामने टिक नहीं पा रहे सरकारी स्कूल
-हालांकि सरकार इनको विभिन्न कारणों से संचालित करके हर साल नामांकन बढ़ाने पर देती जोर
-लेकिन सरकारी स्कूलों के इन हालातों के पीछे सबसे अधिक निजी स्कूलों का दबदबा
-देशभर में है 14.72 लाख से ज्यादा स्कूल,जिनमें करीब 3.50 लाख निजी स्कूल शामिल
-आंकड़े में देश में सरकारी स्कूल ज्यादा, लेकिन निजी स्कूलों की संख्या हर साल बढ़ रही