जयपुर: राजस्थान विधानसभा के प्रश्नकाल में शुक्रवार को खाद वितरण, शिक्षकों की भर्ती, पेयजल ढांचे और सिंचाई परियोजनाओं के मुआवजे जैसे अहम मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल पूछे गए. सदन में कई मंत्रियों ने विस्तृत जवाब दिए, जबकि एक लंबा प्रश्न आगे के लिए सूचीबद्ध किया गया. वहीं, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने के मुद्दे पर जोरदार बहस और हंगामा हुआ, जो कांग्रेस विधायकों के वॉकआउट पर खत्म हुआ. वहीं सदन में उपनेता के पूरक सवाल पूछने को लेकर मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति की. स्पीकर देवनानी ने साफ कहा कि मैंने उप नेता को इजाजत दी है.
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर कांग्रेस ने प्रश्नकाल में सदन से वॉकआउट किया.बीजेपी विधायक गोपीचंद मीणा का सवाल था कि जहाजपुर सहित अन्य कस्बों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थिति और पीपीपी मॉडल पर संचालन की स्थिति. इस पर यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार स्टेट सीवरेज एवं वेस्ट वॉटर पॉलिसी 2025 के तहत पीपीपी मॉडल पर एसटीपी संचालित करने पर विचार कर रही है. उन्होंने बताया कि फिजिबिलिटी के लिए सीवरेज नेटवर्क और प्रति हेक्टेयर 100 प्रतिशत आबादी घनत्व जैसे मापदंड तय हैं, जिन्हें कई कस्बे पूरा नहीं करते. मंत्री झाबर सिंह ने कहा कि 298 शहरों में वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट के कार्य प्रस्तावित हैं और बजट घोषणा में ट्रीटमेंट प्लांट को शामिल किया गया है.
जहाजपुर समेत अन्य शहरों को भी चरणबद्ध रूप से जोड़ा जाएगा. जहाजपुर में पट्टा निरस्तीकरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि किसी ने गलत पट्टा जारी किया है तो उसे निरस्त कर संबंधित के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस विधायक और उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने केंद्र और राज्य की योजनाओं तथा समयसीमा पर सवाल किया. मंत्री ने जवाब में कहा कि भारत सरकार की अमृत योजना 1.0 और 2.0 के तहत स्वीकृत सभी परियोजनाएं समय पर पूरी की जाएंगी. टेंडर शर्तों में ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस का प्रावधान है. झाबर सिंह ने स्वीकार किया कि पूर्व में कई शहरों में इनलेट-आउटलेट की तकनीकी खामियों के कारण संचालन प्रभावित हुआ, जिसे अब सुधारने के प्रयास सफल रहे हैं. मंत्री झाबर सिंह के जवाब के दौरान कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अनुपस्थिति में उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा के पूरक प्रश्न को लेकर सत्ता पक्ष और प्रतिपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई. प्रतिपक्ष के उपनेता रामकेश मीणा ने एक प्रश्न पर पूरक पूछने के लिए खड़े हुए तो सरकार के सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जता दी. गर्ग ने कहा कि रामकेश मीणा उपनेता हैं, नेता प्रतिपक्ष नहीं, इसलिए हर प्रश्न पर खड़े होकर पूरक पूछना उचित नहीं है. उन्होंने टिप्पणी की कि हर सवाल पर खड़े होना ठीक नहीं.
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने उपनेता को पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दे दी है. बावजूद इसके गर्ग ने अपनी बात दोहराते हुए पूर्व की परंपराओं का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि जब गुलाबचंद कटारिया नेता प्रतिपक्ष थे और राजेंद्र राठौड़ उपनेता थे, तब भी हर पूरक प्रश्न पर खड़े होने की अनुमति नहीं होती थी, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष की अनुपस्थिति में. गर्ग ने तीखे अंदाज में कहा कि “आप भी नेता प्रतिपक्ष नहीं हो, जो हर सवाल पर खड़े हो जाते हो. उपनेता हैं, इसलिए हर प्रश्न पर पूरक से बचें. इस पर अध्यक्ष देवनानी ने दो टूक कहा कि उन्होंने आज उपनेता को अनुमति दे दी है और वही अंतिम निर्णय है.
विधानसभा में प्रश्नकाल के शरू होते ही पहले सवाल को स्थगित कर दिया गया. विधायक गुरवीर सिंह ने पिछले पांच वर्षों में ग्रामीण-शहरी क्षेत्रवार उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के आंकड़े मांगे थे प्रश्न लंबा होने के कारण अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने इसे आगामी पांच-सात दिनों में सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए. कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने प्रदेश में यूरिया और डीएपी की उपलब्धता को लेकर सरकार से जानकारी मांगी. उ उन्होंने आरोप लगाया कि किसान लाइनों में खड़े रहे, निजी डीलरों के पास खाद उपलब्ध रही और कालाबाजारी व नकली खाद के मामले सामने आए. कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि लंबा मानसून, अक्टूबर में दो बार बारिश और बढ़ा हुआ बुवाई क्षेत्र खाद की अचानक बढ़ी मांग के कारण रहे. उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों-कृभको और आईपीएल-के माध्यम से जीएसएस को सप्लाई दी गई और “कुल मिलाकर खाद की किल्लत नहीं रही.
कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी ने बताए सदन में यूरिया और खाद के आंकड़े:
-2024-25 में यूरिया की मांग 26.20 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 29.29 लाख मीट्रिक टन आवंटित हुआ
डीएपी भी मांग के अनुरूप मिला
-2025-26 के लिए फरवरी-मार्च तक एक लाख मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक रखने की तैयारी है
डॉ किरोड़ी ने नकली खाद पर कार्रवाई का ब्योरा देते हुए कहा
- 107 एफआईआर दर्ज की गईं
-11,938 निरीक्षण हुए, 765 को कारण बताओ नोटिस, 169 लाइसेंस निलंबित और 146 रद्द किए गए
-28 मामलों में गिरफ्तारी हुई
-16 में चालान पेश और 21 में अग्रिम जमानत हुई
-27 यूरिया फैक्ट्रियां सील की गईं
नकली खाद बीज बनाने और खाद की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कानून को बनाने के सवाल पर मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि केंद्र सरकार इस पर काम कर रही है, जल्द ही ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानून लाया जाएगा, जिसमे 10 से 20 वर्ष की सजा का प्रावधान होगा. विधायक थावरचंद ने प्रदेश में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने विषयवार रिक्तियां और भर्ती की समयसीमा पूछी.
इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पिछली सरकार ने 6,264 विद्यालयों का क्रमोन्नयन तो किया, पर 50 हजार पद सृजित नहीं किए. वर्तमान सरकार ने 2,202 पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली है और 3,225 पदों की भर्ती 2025 में निकाली गई है. उन्होंने दावा किया कि अब तक 72 हजार पद भरे जा चुके हैं और शेष पद चरणबद्ध तरीके से भरे जाएंगे. उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने भाजपा के संकल्प पत्र का हवाला देते हुए एक वर्ष में सभी रिक्तियां भरने के वादे पर सवाल उठाया. मंत्री ने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के बैकलॉग को आगामी भर्तियों में समायोजित किया जाएगा. मुख्यमंत्री द्वारा पांच वर्षों में चार लाख सरकारी नौकरियां देने की घोषणा की.
विधायक श्रीचन्द कृपलानी ने छोटी सादड़ी में बढ़ती आबादी के मद्देनजर उच्च जलाशय निर्माण का मुद्दा उठाया. जलदाय मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि वर्तमान जनसंख्या 23,974 है और शहर को चार भागों में बांटकर जलापूर्ति की जा रही है. फिलहाल उच्च जलाशय की आवश्यकता नहीं, हालांकि तकनीकी जांच के बाद जरूरत होने पर निर्माण कराया जाएगा. निंबाहेड़ा और छोटी सादड़ी में 48 घंटे के अंतराल पर जल वितरण हो रहा है. उधर, अकावद बांध नहर की भूमि अवाप्ति के मुआवजे पर मंत्री सुरेश रावत ने कहा कि पिछली सरकार ने भुगतान नहीं किया था. वर्तमान सरकार 45 करोड़ 65 लाख रुपए किसानों को दे चुकी है. अटरू-छाबड़ा क्षेत्र को पानी देने के लिए डीपीआर तैयार की जा रही है.
नसीराबाद क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समितियों के भवन और गोदाम निर्माण का मुद्दा उठा. विधायक रामस्वरूप लांबा ने कहा कि कई समितियों के पास न अपना भवन है न गोदाम, जिससे संचालन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने निर्माण की समयसीमा और कार्ययोजना पूछी.सहकारिता राज्य मंत्री गौतम दक ने जवाब दिया कि निर्माण के लिए भूमि उपलब्धता, केंद्रीय सहकारी बैंक की अनुशंसा और बजट जरूरी है. पांच समितियों में से चार के पास भूमि नहीं है, जबकि एक के प्रस्ताव पर नियमानुसार विचार संभव है. उन्होंने बताया कि बजट में गोदामों की स्वीकृतियां जारी की गई हैं और भूमि उपलब्ध होते ही प्रस्ताव आगे बढ़ाए जाएंगे.
प्रश्नकाल मे राजगढ़ बुगी जल जीवन मिशन योजना में प्राप्त शिकायतों का मामला उठा. योजना में कथित अनियमितताओं और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सदन में सवाल पूछे गए. जवाब देते हुए मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने स्वीकार किया कि योजना के क्रियान्वयन में अनियमितताएं हुई हैं. उन्होंने कहा कि कार्यों का सुपरविजन संबंधित अधिकारियों को करना था, लेकिन निगरानी में कमी रही. कुछ स्थानों पर काम गलत तरीके से किए गए, जिसकी शिकायतें मिलने के बाद विभाग ने जांच करवाई है.
मंत्री ने बताया कि राजगढ़ बुगी क्षेत्र के 25 गांवों में पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष ध्यान दिया जाएगा. जिन गांवों में कार्य अधूरे या त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं, वहां दोबारा काम शुरू किया जाएगा ताकि लोगों को नियमित और शुद्ध पेयजल मिल सके. उन्होंने आश्वस्त किया कि एक महीने के भीतर विस्तृत जांच पूरी कर ली जाएगी. यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त बजट भी उपलब्ध कराया जाएगा और लंबित या खराब कार्यों को सुधारते हुए योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि प्रभावित सभी गांवों को शीघ्र पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाए.