कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का बड़ा बयान, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः मनरेगा का नाम बदलने और उसमें कई बदलाव को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है. 'मनरेगा बचाओ संग्राम' नाम से हो रहे आंदोलन की इस कड़ी में शनिवार को कांग्रेस ने सभी जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीबी जी रामजी एक्ट पर सवाल खड़े किए. जयपुर में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस के नेताओं ने इस पर सवाल खड़े किए. पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने दावा किया कि वीबी जी रामजी एक्ट में भगवान राम का नाम ही नहीं है, अगर कोई भाजपा का नेता बता दे कि इस एक्ट में भगवान राम का नाम है तो मैं उसे एक लाख रुपए का इनाम दूंगा और राजनीति छोड़ दूंगा.

प्रताप सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटा दिया तो कम से कम राम का नाम तो इसमें ऐड करो क्योंकि महात्मा गांधी भगवान राम के परम भक्त थे जब उन्हें गोली लगी थी तभी उनके मुंह से हे राम ही निकला था. जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर आर तिवाड़ी ने कहा कि गांव से पलायन रोकने के लिए हमारी सरकार ने मनरेगा कानून लागू किया था. आंधी,बरसात अकाल में भी लोगों को गांव में ही रोजगार मिल रहा था लेकिन इस सरकार ने उसे कमजोर करने का काम किया है. 

जयपुर कांग्रेस के प्रभारी रोहित बोहरा ने कहा कि भाजपा सरकार ने केवल मनरेगा योजना का नाम ही नहीं बदला बल्कि उसका एक्ट भी बदल दिया है. उन्होंने कहा कि पहले केंद्र सरकार 90% पैसा देती थी लेकिन अब 60: 40 का रेशों कर दिया है. कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि केंद्र सरकार ने गरीबों का रोजगार छिनने का काम किया है, ये सरकार फिर से उन्हें बंधुआ मजदूर बनाना चाहती है, कांग्रेस पार्टी लगातार इस मुद्दे पर सदन से सड़क तक लड़ती रहेगी.