नई दिल्लीः हरीश की 'इच्छामृत्यु' के बाद आवेदनों का अंबार लग गया है. मुंबई में एकाएक 'इच्छामृत्यु' के लिए आवेदन बढ़े. दरअसल गाजियाबाद के हरीश राणा को पहली बार इजाजत मिली थी. मुंबई में पैसिव यूथेनेशिया को लेकर लोगों में जागरुकता नजर आ रही. फेहरिस्त में शहर में 85 लोगों ने 'लिविंग विल' के लिए आवेदन किया.
सुप्रीम कोर्ट ने 24 जनवरी 2023 को दिए गए निर्देश में स्पष्ट किया था. कि स्थानीय सरकारी संस्थाओं के लिए 'एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव्स' यानी AMD को स्वीकार करना,सुरक्षित रखना और प्रबंधन अनिवार्य होगा. AMD को ही आम भाषा में 'लिविंग विल' या 'राइट टू डाई' कहा जाता है.
भविष्य में यदि कोई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी,दुर्घटना या फिर बेहोशी की स्थिति में खुद निर्णय लेने की स्थिति में नहीं रहेगा. तो उसे किस प्रकार का इलाज दिया जाए या नहीं दिया जाए. 2023 में हाईकोर्ट के फैसले पर BMC ने लागू करने के लिए कदम उठाए. BMC ने वार्डों में मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ को कस्टोडियन नियुक्त किया.