VIDEO: अब पेशेवर होगा आरसीए, अब सीधी नियुक्ति की बजाय परीक्षा से गुजरना पड़ेगा, करीब एक दशक बाद नए रैफरी की होगी नियुक्ति

जयपुर: राजस्थान में क्रिकेट संचालन  को अधिक पेशेवर, पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आरसीए एडहॉक कमेटी ने मैच रेफरी वर्कशॉप एवं परीक्षा का आयोजित करने का फैसला किया है. यानि अब रैफरी की नियुक्ति सीधी नहीं बल्कि परीक्षा के माध्यम से होगी. अब किसी की मेहरबानी से पूर्व खिलाड़ी रैफरी नहीं बन पाएंगे, बल्कि अपनी योग्यता के आधार पर ही चयन का दावा किया जाएगा. राजस्थान क्रिकेट संघ की नई एडहॉक कमेटी अब क्रिकेट में सुधार के लिए एक के बाद एक कदम उठा रही है.

पहले सिफारिश का अड्डा बनी चैलेंजर ट्रॉफी को समाप्त करने का फैसला किया, तो अब घरेलू क्रिकेट को पारदर्शी व पेशेवर बनाने के लिए नए मैच रैफरी बनाने का फैसला किया है. दरअसल इस एडहॉक कमेटी में क्रिकेट की समझ रखने वाले पूर्व रणजी खिलाड़ी अरिष्ठ सिंघवी शामिल है, जो अच्छी तरह जानते हैं कि प्रदेश की क्रिकेट को कैसे पोषित किया जाना है.  सिंघवी के मुताबिक आरसीए द्वारा आयोजित किये जाने वाले  आरसीए पैनल मैच रेफ़री वर्कशॉप व परीक्षा के लिए प्रत्येक जिला क्रिकेट संघ से 3 नामांकन (2 पुरुष एवं 1 महिला) आमंत्रित किए गए हैं. सभी जिला संघों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित प्रारूप में नाम एवं आधार कार्ड की प्रति सहित आवेदन 14 मई 2026 तक RCA को प्रेषित करें.

रैफरी परीक्षा के लिए पात्रताएं तय कर दी गई है. पुरुष वर्ग में ऐसा खिलाड़ी पात्रता रखेगा जिसने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया हो. रणजी ट्रॉफी / अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी / अंडर-23 सी.के. नायडू ट्रॉफी में खेले हो.उन पूर्व खिलाड़ियों पर विचार होगा जिन्होंने न्यूनतम 5 बहु-दिवसीय मैच खेले हों. घरेलू सत्र 2026-27 से कम से कम 5 वर्ष पूर्व सक्रिय क्रिकेट से संन्यास लिया हो. ऐसे खिलाड़ी की उम्र 31 मई 2026 को 45 वर्ष से कम होनी जरूरी है. महिला वर्ग के लिए भी अलग से पात्रता निर्धारित की गई है. ऐसी खिलाड़ी जिसने सीनियर BCCI महिला क्रिकेट में प्रतिनिधित्व किया हो तथा न्यूनतम 5 मैच खेले हों. 

घरेलू सत्र 2026-27 से कम से कम 5 वर्ष पूर्व सक्रिय क्रिकेट से संन्यास लिया हो. 31 मई 2026 को आयु 45 वर्ष से कम हो, ऐसी खिलाड़ी ही पात्रता रख पाएंगी. पात्रता रखने वाले पूर्व खिलाड़ियों की पहले दो दिन की वर्कशॉप होगी. वर्कशॉप के बाद आरसीए द्वारा रैफरी परीक्षा का आयोजन होगा. परीक्षा को पास करने वाले पूर्व खिलाड़ियों को ही रैफरी नियुक्त किया जाएगा. आरसीए ने करीब एक दशक पहले रैफरी नियुक्त किए थे. लेकिन पहली बार परीक्षा के बाद माध्यम से रैफरी पहली बार बनेंगे. इन रैफरी को RCA के आगामी घरेलू टूर्नामेंट में जिम्मेदारी दी जाएगी.

सभी नामांकित अभ्यर्थियों के लिए MS Office, ईमेल एवं मोबाइल संचालन की सामान्य जानकारी तथा अंग्रेज़ी भाषा का व्यावहारिक ज्ञान आवश्यक रहेगा, क्योंकि मैच रेफरी रिपोर्ट अंग्रेज़ी में प्रस्तुत की जाएगी. RCA द्वारा मैच रेफरी की भूमिका को अधिक जिम्मेदार एवं प्रभावी बनाया जा रहा है. अब मैच रेफरी मैदान एवं वेन्यू की स्थिति, मेज़बान संघ द्वारा की गई व्यवस्थाओं की गुणवत्ता, समय पर ओवर पूर्ण करवाने, पेनल्टी लागू करवाने, अनुशासनात्मक मामलों की निगरानी एवं अंपायर रिपोर्ट के संकलन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट RCA को प्रस्तुत करेंगे.

इस नई व्यवस्था के माध्यम से RCA का उद्देश्य राज्य क्रिकेट में बेहतर अनुशासन, जवाबदेही एवं उच्च स्तरीय क्रिकेट संचालन सुनिश्चित करना है. एडहॉक कमेटी संयोजक मोहित यादव के अनुसार कमेटी का उद्देश्य राज्य के पूर्व खिलाड़ियों के अनुभव का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर राज्य की क्रिकेट के विकास में योगदान देने का अवसर प्रदान करते हुए आरसीए के घरेलू सत्र की क्रिकेट गतिविधियों के संचालन व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के दौरान खेल सुविधाओं की गुणवत्ता, खिलाड़ियों में अनुशासन व मैच ऑफिशियल की जिम्मेदारियों को और बेहतर व प्रभावी बनाना है.