जयपुरः राजस्थान कांग्रेस में इन दिनों कईं जिलों में पार्टी की गुटबाजी फिर खुलकर सामने आने लगी है. बीकानेर के बाद आज कोटा में भी कांग्रेस की बैठक में जमकर बवाल मच गया. दरअसल संगठन सृजन अभियान के तहत बने जिला अध्यक्षों को लेकर यह गुटबाजी सामने आ रही है. क्योंकि कईं वरिष्ठ नेताओं को जिला अध्यक्ष डाइजेस्ट नहीं हो रहे. ऐसे में उनके समर्थक बैठकों में हंगामा खड़ा कर रहे है.
संगठन सृजन मॉडल के तहत राजस्थान कांग्रेस के तमाम 50 जिलों में कप्तानों की नियुक्ति हो चुकी है. इस अभियान के तहत दिग्गज नेताओं की सिफारिश के बिना इस बार जिला अध्यक्षों का चयन किया गया था. लेकिन कईं स्थापित और दिग्गज नेताओं को लगता है यह मॉडल बिल्कुल रास नहीं आ रहा है. लिहाजा कईं जिलों में अब जिला अध्यक्षों को लेकर तलवारें खिंचने लगी है. पिछले दिनों बीकानेर में तो दोनों धड़ों की तरफ से खुलकर विरोध और शक्तिप्रदर्शन सड़कों पर किया गया है. अब हाड़ौती के कोटा से भी कलह की ऐसी तस्वीरें सामने आई है.वहीं गुटबाजी के चलते कांग्रेस पार्टी की काफी किरकिरी भी हो रही है.
राजस्थान कांग्रेस में फिर गुटबाजी खुलकर आने लगी सामने
दरअसल संगठन सृजन मॉडल से बने अध्यक्ष कईं दिग्गजों को नहीं आए रास
ऐसे में नेताओं के समर्थक करने लगे अब खुलकर बखेड़ा
पिछले दिनों बीकानेर में खुलकर आई कलह सड़कों पर
मदन मेघवाल और गोविंद मेघवाल गुटों ने किया जमकर शक्तिप्रदर्शन
गोविंद मेघवाल बीकानेर शहर में मदन मेघवाल के जिला अध्यक्ष बनने से है नाराज
बीकानेर के बाद अब कोटा में भी हो गया कांग्रेस में बवाल
प्रहलाद गुंजल और शांति धारीवाल के समर्थक भिड़े बैठक में
जिला अध्यक्ष राखी गौतम द्वारा गुंजल का नाम नहीं लेने से हुआ हंगामा
कईं अन्य जिलों में भी गुटबाजी के है यही हालात
शेखावाटी,मारवाड़,पूर्वी राजस्थान औऱ मेवाड़ में भी जिला अध्यक्षों को लेकर नाराजगी
कईं जिलों में जिला अध्यक्षों को लेकर इतना विवाद है कि विधायकों,सांसदों औऱ दिग्गज नेताओं में आपस में बातचीत तक नहीं होती. यहां तक की जिला अध्यक्ष द्वारा आयोजित बैठकों से भी ये नेता नदारद रहते है और पार्टी गतिविधियों भी शामिल नहीं होते. ताज्जुब की बात है कि प्रदेश नेतृत्व भी इन घटनाक्रमों से वाकिफ है पर अभी तक तो कोई बड़ा एक्शन नहीं लिया गया है. विपक्ष की भूमिका में कलह की यह तस्वीरें कांग्रेस के लिए बिल्कुल शुभ संकेत नहीं कहे जा सकते.
वैसे कांग्रेस पार्टी में गुटबाजी हमेशा से एक बड़ा सिरदर्द रही है. पर अब निकाय और पंचायत चुनाव की जंग की तैयारियों में जुटी कांग्रेस के लिए इन विवादों ने मुश्किलें और बढा दी है. ऐसे में अब देखना है कि डैमेज कंट्रोल के लिए प्रदेश नेतृत्व औऱ प्रभारी क्या कदम उठाते हैं.
कांग्रेस में फिर खुलकर गुटबाजी आने लगी सामने
कई जिलों में खुलकर कलह आई सड़कों पर
बीकानेर औऱ कोटा में जमकर हुआ बवाल
दरअसल संगठन सृजन से बने अध्यक्ष दिग्गजों को नहीं आ रहे रास
मदन मेघवाल के अध्यक्ष बनने से गोविंद मेघवाल है खफा
कोटा में गुंजल औऱ धारीवाल समर्थक हुए आमने सामने