जयपुरः बाड़मेर और जैसलमेर जिलों में वाहन फिटनेस सेंटर नहीं होने से वाहन स्वामियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. दोनों जिलों में परिवहन कार्यालयों में भी वाहनों की फिटनेस का काम बंद पड़ा है, जिसके चलते लोगों को सैकड़ों किलोमीटर दूर जोधपुर जाकर वाहनों की फिटनेस करवानी पड़ रही है. इस स्थिति का फायदा उठाते हुए जोधपुर के निजी फिटनेस सेंटर संचालक मनमानी फीस वसूल रहे हैं, जिससे वाहन मालिकों में रोष बढ़ता जा रहा है.
पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में वाहनों की फिटनेस करवाना इन दिनों वाहन स्वामियों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इन दोनों जिलों में फिलहाल कोई भी अधिकृत वाहन फिटनेस सेंटर संचालित नहीं हो रहा है. वहीं परिवहन विभाग के स्थानीय कार्यालयों में भी तकनीकी कारणों से वाहनों की फिटनेस का काम बंद पड़ा है.इस स्थिति के चलते बाड़मेर और जैसलमेर के वाहन मालिकों को अपने वाहनों की फिटनेस के लिए जोधपुर का रुख करना पड़ रहा है. जैसलमेर से जोधपुर की दूरी करीब 300 किलोमीटर और बाड़मेर से करीब 200 किलोमीटर है. ऐसे में वाहन मालिकों को लंबी दूरी तय कर समय और अतिरिक्त खर्च दोनों उठाने पड़ रहे हैं.सिर्फ बाड़मेर और जैसलमेर ही नहीं, बल्कि फलौदी और पोकरण क्षेत्र के वाहन मालिक भी फिटनेस के लिए जोधपुर पहुंच रहे हैं. बड़ी संख्या में वाहनों के जोधपुर आने से यहां के निजी फिटनेस सेंटरों पर दबाव बढ़ गया है. इसी का फायदा उठाते हुए कुछ सेंटर संचालकों द्वारा मनमानी फीस वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं.
वाहन स्वामियों का आरोप है कि जोधपुर के कई निजी फिटनेस सेंटर निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूल रहे हैं. रॉयल फिटनेस सेंटर सहित अन्य सेंटरों पर भी मनमानी फीस लेने के आरोप लगाए जा रहे हैं. वाहन मालिकों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें यह अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ रही है, क्योंकि बिना फिटनेस के वाहन का संचालन करना संभव नहीं है और चालान या अन्य कार्रवाई का भी डर बना रहता है.स्थानीय वाहन मालिकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि बाड़मेर और जैसलमेर में ही वाहन फिटनेस सेंटर शुरू कर दिए जाएं या परिवहन कार्यालयों में फिटनेस की सुविधा बहाल कर दी जाए, तो लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सकती है.इस पूरे मामले को लेकर परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब दो बड़े जिलों में फिटनेस सेंटर की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है, तो यह व्यवस्था की बड़ी खामी है.