राज्यसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह, "आज मैं विश्वास से कहता हूं-कश्मीर में आतंकवाद समाप्ति की ओर है"

राज्यसभा में बोले गृह मंत्री अमित शाह, "आज मैं विश्वास से कहता हूं-कश्मीर में आतंकवाद समाप्ति की ओर है"

नई दिल्ली: राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का जवाब दे रहे है. राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पिछले 6 महीने में कश्मीर का एक भी युवा आतंकी संगठनों में भर्ती नहीं हुआ. पूरी घाटी में पहलगाम हमले का विरोध हुआ. आतंकवाद पर तो कांग्रेस को बोलने का अधिकार ही नहीं है. अटल जी सरकार में तय हुआ था कि आतंकवाद को खत्म करना होगा. इसके लिए पोटा का कानून लाया गया लेकिन कांग्रेस ये बताए कि इसका विरोध क्यों किया था. पोटा कानून पारित होने के बाद अमल शुरू हुआ. मगर, कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में लिखा कि पोटा कानून रद्द कर देंगे और इन्होंने पहली ही कैबिनेट बैठक में पोटा कानून को रद्द कर दिया था. कांग्रेस तो आतंकवाद का पोषण करने वाली पार्टी है. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पहले तीन परिवारों की सत्ता थी, पहले चुनाव होते थे. अधिकारी बताते हैं कि उन्हें फर्जी वोटिंग का काम सौंपा जाता था. सुरक्षा तो भगवान भरोसे रहती थी. जब से नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली. उनके दिलो-दिमाग में कश्मीर की शांति का भूत सवार था. मोदी जी ने अनेक लोगों से इस मुद्दे पर चर्चा की. मैं जनरल सिन्हा के घर गया, उनसे लंबी चर्चा की. ढेर सारा मंथन 2014 से चलता था. आज मैं विश्वास से कहता हूं कि कश्मीर में आतंकवाद समाप्ति की ओर है.

पहले आतंकियों के जनाजे में 10-10 हजार लोग होते थे शामिल :
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पहले आतंकियों के जनाजे में 10-10 हजार लोग शामिल होते थे. मैंने तय किया कि ये नहीं होगा. NIA और ED ने बहुत अच्छी कार्रवाई की. जमात-ए-इस्लामी जैसे संगठन को बंद करने का काम किया. आतंकियों के इकोसिस्टम को खत्म करने का काम किया. राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि शम्मी कपूर जी ने एक बार हमने से कहा कि जब मेरा गोल्डन पीरियड था तब मैं बहुत ज्यादा समय कश्मीर में बिताता था. आज मैं देख रहा हूं कि वहां की बच्चियां पथराव कर रही हैं. इसके बाद मैं इस समस्या के मूल में गया. 5 अगस्त 2019 को हमने अनुच्छेद 370 को हटाने का काम किया. इसके साथ ही इस पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने का प्लान बना. साथ ही विकास की नई-नई परियोजनाएं शुरू हुईं. 

अमित शाह ने कहा कि अनुच्छेद 370 किसने बनाया. इसका समर्थन किसने किया, इसका स्वरूप क्या था. 5 अगस्त 2019 तक अलग-अलग संविधान चलते रहे. हमेशा अलगाववाद को पोषण मिलता रहा. हर युवा को बरगलाने और उकसाने का मौका हमने पाकिस्तान को दिया. अमित शाह ने कहा कि कल मैंने सुना था, ये पूछ रहे थे कि पीओके क्यों नहीं लिया. मैं पूरे देश के सामने कहना चाहता हूं कि ऑपरेशन सिंदूर युद्ध नहीं था. हमने आत्मरक्षा के लिए बल प्रयोग किया था. 22 अप्रैल को पहलगाम जो हमला हुआ. उसके जवाब में आतंकियों का इकोसिस्टम तोड़ने का हमारा अधिकार है. पाकिस्तान के कहने पर ही हमने इसे रोका. कांग्रेस के समय तो घोषित युद्ध हुए तब इन्होंने क्या किया. कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है. इनके समय में हमारे प्रधानमंत्री को तीन नासूर मिले. इसकी वजह से ना जाने कितने जवान और लोग मारे जाते थे.

अमित शाह ने कहा कि पहलगाम हमला अगर कांग्रेस के राज में हुआ होता तो क्या होता. इसकी कल्पना कर लीजिए. अगर इनकी सरकार होती तो पाकिस्तान को तुरंत क्लीनचिट मिल जाती. ये कुछ नहीं करते बस डोजियर भेजते. कांग्रेस को कोई हक नहीं है कि वो बीजेपी से आतंकवाद पर सवाल पूछ सके. आज हमारा सौभाग्य है कि जो ऐसा नेतृत्व है जो ब्रह्मोस मिसाइल भेजता है, डोजियर नहीं.गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष कहता है कि आप हमेशा नहीं रहेंगे. मैं बताना चाहता हूं कि मैं 61 साल का हुआ हूं. 14 से 30 तक बीजेपी की ही सरकार रहने वाली है. चिदंबरम साहब इसकी आदत डाल लो, ये बात मैंने 2015 में कही थी. भारतीय सेना के लिए कांग्रेस ने कभी तैयारियां नहीं कीं. आज सेना ब्रह्मोस से लैस है, ये परिवर्तन 11 साल में हुआ है. हम आज लाखों करोड़ों का सामान बना रहे हैं. 

हमने किया आतंकवाद के दिल पर हमला:
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में वो भी आतंकी मारे गए जो पहले हमलों में शामिल रहे. हमने आतंकवाद के दिल पर हमला किया है. सरकार ने पहले भी स्ट्राइक की थी. मगर पहली बार पाकिस्तान में घुसकर पराक्रम दिखाया है.चिदंबरम साहब, कल भाषण में बोल रहे थे कि ये नहीं कहा जा सकता कि ऑपरेशन सिंदूर निर्णायक था. चिदंबरम साहब, पहले की लड़ाइयां क्या निर्णायक थीं? ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में खौफ पैदा हो गया है. डर से ही शांति होती है, ये सुधरने वाले लोग नहीं हैं. चिदंबरम साहब पूछ रहे हैं कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे. इसका सबूत क्या है, तो मैं बताना चाहता हूं कि सबूत हमने ढूंढ लिए हैं. हिंदू टेरर का सगूफा किसने छोड़ा. मैं कहना चाहता हूं कि हिंदू कभी आतंकी नहीं हो सकता. फर्जी केस बनाए आपने, सिर्फ अपनी छिछोरी राजनीति के लिए. फिर भी आप लोग हार गए. 

7 मई को किया पाकिस्तान के 9 आतंकी अड्डों को ध्वस्त:
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 7 मई को पाकिस्तान के 9 आतंकी अड्डों को ध्वस्त कर दिया गया. 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए. इस दौरान अमित शाह ने राज्यसभा में बड़ा ऐलान किया. PoK कांग्रेस ने दिया था लेकिन लेने का काम भाजपा करेगी. हमने तो आतंकियों के ठिकानों पर हमला किया था. पाकिस्तान ने इस हमले को खुद पर ले लिया. 8 मई को पाकिस्तान ने रिहायशी इलाकों,सेना के ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की. भारत ने तय कर लिया हम इसका जवाब रक्षा क्षमता को खत्म करके देंगे. इसके बाद भारत ने उनके एयरबेस को ध्वस्त कर दिया.

तो आतंकियों के ठिकाने मिट्टी में मिल गए:
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी जी ने 24 अप्रैल को बिहार में जो कहा था वो चुनावी सभा नहीं थी. प्रधानमंत्री ने कहा था कि पहलगाम हमला भारत की आत्मा पर है. आतंकियों और इस साजिश रचने वालों को कल्पना से बढ़कर सजा दी जाएगी. आतंकियों को मिट्टी में मिलाने का समय आ गया है. 140 करोड़ भारतीय इस बात के लिए एकजुट हैं कि आतंकियों के आकाओं की कमर तोड़ दी जाएगी. प्रधानमंत्री ने बिहार में कहा था कि आतंकियों को मिट्टी में मिला देंगे. तो आतंकियों के ठिकाने मिट्टी में मिल गए हैं. आतंकियों को भेजने वालों को भी हमारी सेना ने मिट्टी में मिला दिया है.

कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होकर रहेगा:
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं ऑपरेशन सिंदूर पर बताना चाहता हूं. हमले के बाद मैंने प्रधानमंत्री से बात की और कश्मीर पहुंच गया. मैंने दूसरे दिन सुरक्षा बैठक की. वो पल मेरे जीवन का ऐसा दिन था, जिसे भूल नहीं सकता. मैं आतंकियों को संदेश देना चाहता हूं. कितनी भी कोशिश कर लो कश्मीर आतंकवाद से मुक्त होकर रहेगा. अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस हर मुद्दे को हिंदू-मुसलमान की नजर से देखती है. ऑपरेशन महादेव में हिंदू-मुस्लिम न खोजें. कोई कहता है कि आतंकी आज ही क्यों मारे गए. मैं पूछना चाहता हूं कि इन्हें कितना जिंदा रखना चाहते हो. इतना आसान नहीं होता है, कितना पीछा करके इन्हें मारा गया है और आप मुहूर्त पूछ रहे हो,कांग्रेस की प्राथमिकता अपना वोटबैंक है.

अमित शाह ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर साधा निशाना:
अमित शाह ने कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर निशाना साधा है. क्या चिदंबरम पाकिस्तान को मदद पहुंचाना चाहते हैं. संसद में चर्चा से पहले चिदंबरम से सबूत क्यों मांगे? चिदंबरम पाकिस्तान पर हुए अटैक के सबूत मांग रहे हैं. चिदंबरम किसे बचाना चाहते थे. जिस दिन इन्होंने सवाल पूछे उसी दिन ये तीन आतंकी मारे गए. कांग्रेस इस ऑपरेशन के नाम पर सवाल उठा रही है. मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर आप क्या नाम रखना चाहते थे.

आतंकी मारे गए तो इनके माथे पर ही गोली मारी:
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऑपरेशन महादेव की सफलता के लिए मैं सेना, पुलिस, CRPF, NIA और FSL के अधिकारियों को बधाई देता हूं. हर-हर महादेव स्वतंत्रता का नारा है. मुझे कई लोगों के मैसेज आए थे कि जब ये आतंकी मारना तो इनके माथे पर गोली मारना. जब ये आतंकी मारे गए तो इनके माथे पर ही गोली मारी गई.

तीनों आतंकियों को मार गिराया:
राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पहलगाम हमले के दोषी आतंकी मारे गए. पहलगाम हमले के तीनों आतंकी ढेर हुए. तीनों आतंकियों को मार गिराया. सुरक्षाबलों ने आतंकियों को मौत के घाट उतारा. ऑपरेशन महादेव पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि इस ऑपरेशन में 3 आतंकी मारे गए. आतंकी सुलेमान पहलगाम हमले में शामिल था. अमित शाह ने कहा कि उसकी ही बंदूक से गोलियां चली थीं. देश की सेना ने उसे पाकिस्तान भागने नहीं दिया. इससे साफ हो गया है कि इस हमले में लश्कर-ए-तैयबा का हाथ था. ऑपरेशन सिंदूर में लश्कर-ए-तैयबा के हेडक्वार्टर को ध्वस्त कर दिया गया. हमले के बाद मैं कश्मीर पहुंच गया था.
अमित शाह ने कहा कि वहां बैठक की थी, मैंने कहा था कि इन आतंकियों को पकड़िए. इन आतंकियों के पास से 3 राइफल बरामद हुई हैं. जिस दिन पहलगाम में हमला हुआ उस दिन वहां से NIA ने खाली कारतूसों को कब्जे में लिया. जिन्हें जांच के लिए भेजा गया. जब ये आतंकी मारे गए और इनके पास से जो राइफल मिली. चंडीगढ़ में लैब में जांच की गई तो पाया गया कि इन्हीं तीन राइफल का इस्तेमाल किया गया था.