नई दिल्लीः लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर से नक्सलवाद लगभग खत्म. देश हमारे लिए महत्वपूर्ण. देश लंबे समय तक नक्सलवाद से पीड़ित रहा. बस्तर में हर गांव में स्कूल बनाए गए. नक्सलियों के लिए विपक्ष को दर्द. बस्तर अब विकसित हो रहा है. बस्तर में लाल आतंक की परछाई थी. सरकार सभी समस्याओं को सुनना चाहती.
आदिवासियों का विकास पीएम कर रहे. आदिवासियों के अधिकार के लिए लड़ रहे. वामपंथी विचारधारा से नक्सलवाद फैला. जो काम जनता चाहती थी वही 2014 के बाद हुए. जनता का साथ मिलने से नक्सलवाद खत्म हुआ. कुछ लोग शहीदों से नक्सलियों की तुलना करते हैं. नक्सली अपनों का भी खून बहाते हैं. पीएम के नेतृत्व में देश नक्सलवाद से मुक्त.
1970 से 2004 के बीच नक्सलवाद देश में फैला:
कांग्रेस के शासन में माओवादी विचारधारा फैली. इंदिरा गांधी के राजनीतिक स्वार्थ से नक्सल फैला. 1970 के दशक में नक्सलबाड़ी से नक्सलवाद की शुरुआत हुई. 1970 से 2004 के बीच नक्सलवाद देश में फैला. नक्सली हिंसा करने वालों के दिन अब समाप्त हो गए. समस्या का समाधान बातचीत से निकलता है, हथियार से नहीं है. नक्सलियों के पास ज्यादातर हथियार पुलिस के लूटे हुए हैं.
आदिवासी अभी तक विकास से क्यों महरूम रहे ?
मैं पूछना चाहता हूं कि 75 साल में 60 साल तो शासन आपने किया. आदिवासी अभी तक विकास से क्यों महरूम रहे ? आदिवासियों का विकास तो अब मोदी कर रहे हैं. 60 साल कांग्रेस ने उन्हें घर नहीं दिया, पानी नहीं दिया. स्कूल नहीं बना, बैंक की फैसिलिटी नहीं पहुंचने दिया. इसलिए पहले थोड़ा अपनी गिरेबान में झांककर देखो कि दोषी कौन है.
रेड कॉरिडोर में नक्सलवाद के चलते गरीबी आई:
नक्सलियों के आदर्श माओ है. आदिवासी माओ को अपना आदर्श मानने लगे. गरीबी के कारण नक्सलवाद नहीं फैला. रेड कॉरिडोर में नक्सलवाद के चलते गरीबी आई. आदिवासी पढ़ नहीं पाए इसलिए स्कूल जला दिए. कांग्रेस ने आदिवासियों को घर-पानी नहीं दिए. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश नक्सलवाद मुक्त हुआ. नक्सलवाद का विकास से कोई मतलब नहीं है. नक्सल विचार में सत्ता बंदूक से निकलती है. नक्सली अपने लोगों का भी खून बहाते हैं. आदिवासियों को बरगलाकर हथियार दिए. आज वामपंथी उग्रवाद खत्म होने में जनाता का भरपूर साथ मिला है.