जयपुर: प्रशासनिक कार्य प्रणाली में पारदर्शिता लाने और उसे पब्लिक फ्रेण्डली बनाने के लिए जेडीए ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया. जेडीए की ओर से एक जून नई व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसके तहत आमजन से जुड़े प्रकरण को किस तरह किया गया है निस्तारित, इसकी एक-एक अपडेट खुद आवेदक जान सकेगा.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का अधिकारियों को क्लीयर मेंडेट है कि प्रशासन को जवाबदेही और पारदर्शी बनाया जाए. इसी मेंडेट को लागू करने के लिए जेडीए एक जून से नई व्यवस्था लागू करने वाला है. इस नई व्यवस्था संबंधित आवेदक यह देख सकेगा कि उसके प्रकरण में किस कार्मिक ने क्या टिप्पणी की है.
कार्य प्रणाली में पारदर्शिता के लिए जेडीए का बड़ा कदम:
-आमजन से जुड़े प्रकरण की फाइल में क्या की गई टिप्पणी
-किस अधिकारी व कर्मचारी ने फाइल पर क्या की है टिप्पणी
-संबंधित आवेदक ऑनलाइन ही इसे देख सकेंगे
-जेडीए वेबसाइट पर JDA Services पर देख सकेंगे टिप्पणी
-यह नई व्यवस्था इस एक जून से कर दी जाएगी लागू
-नाम हस्तांतरण,पुनर्गठन,उप विभाजन और
-लीज मुक्त प्रमाण जारी करने की फाइल पर क्या की टिप्पणी
-संबंधित आवेदक खुद ऑनलाइन ही इसे देख सकेंगे
-90 ए के UDH पोर्टल की तर्ज पर लागू की यह नई व्यवस्था
-इस पोर्टल पर संबंधित आवेदक ले देख सकते हैं टिप्पणी
-फाइल पर देख सकते हैं विभिन्न कार्मिकों की टिप्पणी
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि:
-यह पहल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने और
-वास्तविक स्थिति बताने की दिशा में है महत्वपूर्ण कदम
-आमजन को फाइल की वास्तविक स्थिति बताने की दिशा में है महत्वपूर्ण कदम
-उन्होंने कहा कि आवेदकों को स्पष्ट रूप से मिल सकेगी जानकारी
-उनके प्रकरण में किस स्तर पर क्या कार्रवाई की गई है और
-किन नियमों एवं प्रावधानों के आधार पर लिया गया है निर्णय
-इस बारे में आवेदकों को स्पष्ट रूप से जानकारी मिल सकेगी
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वे नोटिंग करते समय नियमों एवं प्रावधानों का करें स्पष्ट उल्लेख और भाषा को सरल, तथ्यात्मक एवं शिष्ट रखें. जिससे आवेदकों को प्रक्रिया समझना आसान हो सके. आमजन अपने प्रकरण से जुड़ी फाइलों पर अधिकारी व कर्मचारियों की ओर से की गई टिप्पणी देख सकें, इस बारे में फर्स्ट इंडिया न्यूज ने ही जेडीए को सुझाव दिया था. अब जेडीए ने इस सुझाव को लागू करने के आदेश भी जारी कर दिए है. यह नई व्यवस्था आमजन के लिए फायदेमंद होगी.
फर्स्ट इंडिया न्यूज के सुझाव पर जेडीए ने किया अमल:
-आमजन को राहत देने के सुझाव को जेडीए ने किया लागू
-आमजन से जुड़े प्रकरण की फाइल में क्या की गई टिप्पणी
-किस अधिकारी व कर्मचारी ने फाइल पर क्या की है टिप्पणी
-संबंधित आवेदक ऑनलाइन ही इसे देख सकेंगे
-जेडीए वेबसाइट पर JDA Services पर देख सकेंगे टिप्पणी
-जेडीए ने पिछले वर्ष 24 दिसंबर को आयोजित की थी वर्कशॉप
-आईटी नवाचारों को लेकर आयोजित की थी मीडिया वर्कशॉप
-वर्कशॉप में फर्स्ट इंडिया न्यूज ने भी लिया था भाग
-फर्स्ट इंडिया न्यूज के एसोसिएट एडिटर अभिषेक श्रीवास्तव ने दिया था सुझाव
-आमजन से जुड़े प्रकरणों में यह नई व्यवस्था लागू करने का दिया था सुझाव
-इस सुझाव पर जेडीए की ओर से इस दिशा में शुरू कर दी गई कवायद
-इसके बाद गत 17 अप्रेल को जेडीए ने आयोजित की दूसरी मीडिया वर्कशॉप
-इस वर्कशॉप में भी जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन से मामले में पूछा था सवाल
-एक्सक्लुसिव बातचीत में एसोसिएट एडिटर अभिषेक श्रीवास्तव ने पूछा था सवाल
-तब जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि
-90 ए पोर्टल की तर्ज पर जेडीए की सेवाओं में जल्द लागू की जाएगी नई व्यवस्था
-जिसमें आमजन अपने मामले में की गई टिप्पणी को देख सकेंगे ऑनलाइन
-फर्स्ट इंडिया न्यूज के दिए सुझाव पर अमल करते हुए 1 जून से लागू होगी यह व्यवस्था
आमजन को इस नई व्यवस्था से पता चल सकेगा कि किस तरह किया निस्तारण:
-किन कानून व नियमों के तहत प्रकरण का किया गया निस्तारण
-अगर किसी प्रकरण में कार्यवाही संभव नहीं है तो
-संबंधित आवेदक इसका स्पष्ट कारण भी जान सकेगा
-अगर किसी अधिकारी या कर्मचारी ने की कोई ऐसी टिप्पणी
-जिसको लेकर आवेदक को लगता है की गई टिप्पणी नहीं है सही तो
-आवेदक इसको लेकर दस्तावेजों के साथ रख सकेगा अपना पक्ष
-संबंधित कार्मिक के समक्ष आवेदक की ओर से रखा जा सकेगा पक्ष
-इसी तरह अगर टिप्पणी देखकर आवेदक को चलता है पता कि
-किसी कार्मिक की ओर से किया जाना है मौका मुआयना तो
-मौका मुआयना के दौरान सही वस्तु स्थिति की हो सके रिपोर्ट
-इसके लिए आवेदक मौके पर हो सकेगा उपस्थित