जयपुरः करोड़ों रुपए की बकाया लीज राशि की वसूली के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण गंभीर है. इसके लिए जेडीए ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन का फोकस जेडीए की नियमित आय पर है. इसी के चलते लीज राशि की त्वरित वसूली के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं. लेकिन इस वसूली में आ रही तकनीकी अड़चनों को दूर करने के लिए जेडीए ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है. अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने पिछले दिनों जेडीए की पहली समीक्षा बैठक ली थी. इस बैठक में भी जेडीए ने इस प्रस्ताव पर जल्द विचार करने की मांग की थी. आपको सबसे पहले बताते हैं कि जेडीए ओर से लीज राशि की वसूली की क्या है प्रक्रिया
-जेडीए लीजराशि की वसूली भू राजस्व अधिनियम के तहत करता है
-प्रदेश के राजस्व विभाग ने 6 अप्रेल 2018 को अधिसूचना जारी की थी
-अधिसूचना के माध्यम से लीज की वसूली की जिला कलक्टर की शक्तियां जेडीए के अतिरिक्त आयुक्त भूमि को दी गई
-जोन उपायुक्त की ओर से बकायादार को नोटिस दिए जाते हैं
-वसूली नहीं होने पर मामला भू राजस्व अधिनियम के तहत अतिरिक्त आयुक्त को भेजा जाता है
-अतिरिक्त आयुक्त की ओर से भू राजस्व अधिनयिम के तहत नोटिस जारी कर वसूली की अग्रिम कार्यवाही की जाती है
-लेकिन जेडीए एक्ट की धारा 84 में प्रावधान है कि
-इस नोटिस के खिलाफ बकायादार जेडीए अपीलेट ट्रिब्यूनल में रेफरेंस दायर कर सकता है
-इसी के चलते वसूली नोटिस के अधिकतर मामलों में ट्रिब्यूनल में रेफरेंस किया जा रहा है
-इनमें से कई मामलों में रेफरेंस पर ट्रिब्यूनल से मिल रह है स्टे
-स्टे के कारण जेडीए लीज राशि की वसूली नहीं कर पा रहा है
जेडीए अधिकारियों के अनुसार पिछले वित्तीय वर्ष में चिन्हित किए गए प्रकरणों में करीब 153 करोड़ की लीज राशि वसूल की जानी है. लेकिन इस वसूली में आ रही अड़चनों को देखते हुए जेडीए ने नगरीय विकास विभाग को पिछले दिनों एक प्रस्ताव भेजा है. इस प्रस्ताव के तहत जेडीए की एक्ट की धारा 84 में संशोधन प्रस्तावित किया गया है
पहले जेब करनी पड़ेगी ढीली,फिर किया जा सकेगा रेंफरेंस
पहले राशि जमा कराने के बाद ही किया जा सकेगा रेफरेंस
लीज राशि वसूली के खिलाफ जेडीए ट्रिब्यूनल में होगा रेफरेंस
इसके लिए जेडीए ने राज्य सरकार को भेजा है प्रस्ताव
जेडीए एक्ट की धारा 84 में संशोधन के लिए भेजा है प्रस्ताव
प्रस्तावित बदलाव के अनुसार
पहले संबंधित व्यक्ति को जेडीए में चुकानी होगी राशि
दावा की गई राशि की चुकानी होगी 25%राशि
इसके बाद ही जेडीए अपीलेट ट्रिब्यूनल में किया जा सकेगा रेफरेंस
जिस कानून में जेडीए करता है वसूली,उसमें नहीं है प्रावधान
उस कानून में नहीं हैं अपील/रेफरेंस का प्रावधान
पहले पूरी राशि करानी पड़ती है जमा तब ही दायर हो सकता है वाद
हाई कोर्ट में राशि की वसूली के लिए दायर किया जा सकता है वाद
इसी तर्क के साथ जेडीए ने राज्य सरकार को भेजा है प्रस्ताव
जेडीए एक्ट की धारा 84 में संशोधन का भेजा है प्रस्ताव
जेडीए दरअसल भू राजस्व अधिनियम में करता है लीज की वसूली