VIDEO: माही बांध बनेगा प्रदेश का पहला बड़ा टूरिस्ट स्पॉट, राजस्थान वाटर ग्रिड कारपोरेशन लिमिटेड के लिए होगा राजस्व अर्जित, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: प्रदेश का माही बांध जल्द ही टूरिस्ट स्पॉट के रूप में जाना जाएगा. कई किलोमीटर में पर्यटन व वाटर एक्टिविटी दिखाई देगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा. प्रोजेक्ट के लिए सरकारी व निजी भूमि का इस्तेमाल कैसे होगा. किस तरह पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और योजना के तहत क्या-क्या काम होंगे.

प्रदेश के बड़े बांधों पर आईलैंड और बांध से जुड़ी अन्य उपयोगी भूमि पर पर्यटन के बढ़ावा देने के उद्देश्य से बड़ी योजना तैयार की जा रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें और देशी-विदेशी पर्यटकों को उस जिले व बांध से जोड़ा जा सके. इसके तहत सबसे पहले माही बांध की योजना तैयार की गई है. माही बांध डूब क्षेत्र विकास योजना का खाका तैयार कर उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित हो चुकी है. कई विभागों को शामिल करते हुए तय किया गया कि किसे क्या करना होगा. माना जा रहा है कि सालभर के भीतर पर्यटन की दृष्टि से माही बांध पर विकास शुरू हो जाएगा.

समिति द्वारा संपादित किए जाने वाले कार्य 
-माही बांध के आईलैंड/डूब क्षेत्र/डूब क्षेत्र से लगती निजी खातेदारी भूमि का भू उपयोग निर्धारण करवाया जाएगा
-माही बांध  डूब क्षेत्र विकास योजना के तहत स्थिति राजकीय भूमि के बेचान पर दिए जाने से पहले भूमि का डिमार्केशन/साइट प्लान/लोकेशन प्लान तैयार करवाना
-राजकीय भूमि को वाणिज्यिक उपयोग के तहत नीति एवं प्रणाली निर्धारित करवाई जाएगी
-योजना के तहत आने वाली तमान राजकीय व निजी भूमि का भू उपयोग सुनिश्चित करवाया जाएगा
-राजकीय भूमि एवं निजी खातेदारी भूमि पर वाटर स्पोर्ट्स और पर्यटन एक्टिविटी के अलावा अन्य गतिविधियों के संचालन-नियंत्रण व लाइसेंस के लिए प्रक्रिया का निर्धारण करवाया जाएगा
-वाटर स्पोर्ट्स/ पर्यटन एक्टिविटी के अलावा अन्य गतिविधियों के संचालन के लिए नियमों व दिशा-निर्देशों का निर्धारण करवाया जाएगा
-भूमि के बेचान/लीज के लिए वाटर स्पोर्ट्स और पर्यटन एक्टिविटी के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए सरकार, न्यायालय, राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) और अन्य वैधानिक निकाय द्वारा समय-समय पर जारी आदेश, परिपत्र, अधिसूचना व दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करवाना
-पर्यटन के सफल संचालन के लिए लगातार मॉनिटरिंग करवाना
-योजना के तहत पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करवाना और बांध में किसी प्रकार के अपशिष्ट पदार्थ का प्रवाह नहीं होना यह भी देखना
-उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित
-समिति में संभागीय आयुक्त उदयपुर को अध्यक्ष बनाया गया
-उपवन संरक्षक, वन मंडल बांसवाड़ा, WRD अधीक्षण अभियंता, बांसवाड़ा, 
-प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बांसवाड़ा के क्षेत्रीय अधिकारी, सहायक नगर नियोजक बांसवाड़ा, 
-पर्यटन विभाग बांसवाड़ा के सहायक निदेशक, माही परियोजना के SE सदस्य नियुक्त 

सरकार की पहल पर माही बांध डूब क्षेत्र विकास योजना तैयार की जा रही है, जिससे तहत माही बांध के आईलैंड/डूब क्षेत्र/डूब क्षेत्र से लगती अन्य उपयोगी सरकारी व निजी भूमि पर्यटन व वाटर एक्टिविटी विकसित की जाएंगी. देखने वाली बात यह रहेगी कि यदि माही पर पर्यटन प्रोजेक्ट के बेहतर परिणाम सामने आते हैं तो अन्य बड़े बांधों पर भी ऐसी ही गतिविधियां दिखाई देगी.