जयपुर: राजस्थान कांग्रेस में जल्द करीब एक दर्जन नेताओं की फिर से घर वापसी हो सकती है. अनुशासन कमेटी ने निष्कासित नेताओं की एंट्री की कवायद शुरु कर दी है. सामने आ रहा है कि एक पूर्व सांसद औऱ दो पूर्व विधायक जल्द फिर से कांग्रेस का दामन थामेंगे. 11 मई को इसको लेकर अनुशासन कमेटी की एक अहम बैठक होगी. बैठक में अनुशासनहीनता से जुड़े कुछ अन्य प्रकरणों पर भी मंथन होगा.
संगठन और पार्टी मजबूती के लिए कांग्रेस ने बागी,निष्कासित औऱ छोड़कर गए नेताओं को फिर से शामिल करने की कवायद शुरु कर दी है. इनमें अधिकतर वो नेता है जो विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान बागी हो गया थे या कांग्रेस को अलविदा कह दिया था. अब इन नेताओं ने फिर से कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है..ऐसे नेताओं की तादाद फिलहाल करीब एक दर्जन बताई जा रही है. अनुशासन कमेटी ने इनकी घर वापसी के आवेदन पर सुनवाई शुरु कर दी है. हाल ही में 3 मई को हुई कमेटी की बैठक में 12 नामों पर चर्चा हुई. अब 11 मई को होने वाली कमेटी की बैठक में इन नेताओं को लेने की हरी झंडी दी जा सकती है.
जल्द कईं नेताओं की कांग्रेस में होगी घर वापसी
-करीब एक दर्जन नेता फिर से हो सकते है कांग्रेस में शामिल
-एक पूर्व सांसद औऱ दो पूर्व विधायक जल्द थामेंगे कांग्रेस का दामन
-कांग्रेस में शामिल होने के लिए लिखित में इन नेताओं ने कर रखा है आवेदन
-11 मई को कमेटी चर्चा के बाद वापसी को दे सकती है हरी झंडी
-वहीं बैठक में कुछ अनुशासनहीनता से जुड़े अन्य मसलों पर भी होगी चर्चा
-पूर्व मंत्री गोविंद राम मेघवाल को बुलाया कमेटी ने अपना पक्ष रखने के लिए
-मदन मेघवाल की शिकायत पर कमेटी ने बुलाया है गोविंद मेघवाल को
अनुशासन कमेटी 11 मई को बैठक के बाद अपनी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को हैंड ओवर करेगी. जिसमें इन नेताओं को फिर से शामिल करने की कमेटी तथ्यों के साथ अनुशंसा करेगी. उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी हाईकमान से मंजूरी लेंगे. वहीं इससे पहले महेन्द्रजीत सिंह मालवीय,अमीन खान, वीरेन्द्र चौधरी और मेवाराम जैन जैसे नेताओं की वापसी अब तक कांग्रेस में हो चुकी है. हालांकि उनकी वापसी को लेकर कईं नेताओं को आपत्ति भी है ऐसे में शामिल होने से पहले सहमति बनाने के भी प्रयास किए जाएंगे.
हालांकि शामिल होने वाले नेताओं की लिस्ट काफी लंबी है. लेकिन बड़े नेताओं की सहमति नहीं मिलने के चलते उनकी घर वापसी फिलहाल होल्ड कर दी गई है. अब देखते है कईं नेताओं की घर वापसी से कांग्रेस को कितनी मजबूती मिलती है. लेकिन यह तय है उनके फिर से आने से पार्टी का कुनबा जरूर बढ़ जाएगा.