जयपुर: राजस्थान में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम ने रिकॉर्ड बना लिया. राजस्थान बीजेपी संगठन ने ये रिकॉर्ड बनाया है.आज बीजेपी के करीब 40 हजार बूथों पर मन की बात कार्यक्रम को सुना और देखा गया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी बूथ स्तर पर मन की बात को सुना.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन बात का कार्यक्रम ने राजस्थान में रिकॉर्ड बना लिया है. राजस्थान बीजेपी के लिए ये उपलब्धि है. करीब 40हजार बूथों पर मन की बात कार्यक्रम को सुना गया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी आगरा रोड़ स्थित बूथ स्तर के कार्यक्रम में मन की बात को सुना. बीजेपी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी रहे साथ.
राजस्थान की बीजेपी ने मन की बात कार्यक्रम को प्रदेश भर में वृहद स्तर तक पहुंचाने के लिए मेहनत की. नतीजा ये रहा कि 52हजार बूथों में से पहले 25 हजार, फिर 30हजार और अब करीब 40हजार तक पहुंचने में बीजेपी ने सफलता अर्जित कर ली.ये सब करने के लिए पार्टी ने व्यापक योजना बनाई थी मकसद साफ था देश के प्रधान सेवक मोदी की कही बात जन जन तक पहुंचे.
-राजस्थान बीजेपी ने बनाया मन की बात कार्यक्रम का रिकॉर्ड.
-राजस्थान में करीब 40हजार बूथों पर सुना और देखा गया मन की बात कार्यक्रम
-बीजेपी ने मन की बात कार्यक्रम को लेकर कमेटी बनाई थी
-प्रदेश संयोजक से लेकर बूथ संयोजक तक टीम बनी
-संभाग, जिला और मंडल स्तर पर संयोजक बनाए गए
-पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में मॉनिटरिंग टीम बनाई गई
-ये सब कुछ राष्ट्रीय स्तर से मिले निर्देशों के अनुसार
-बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने नियमित अंतराल पर संयोजकों की बैठकें ली
-बीजेपी का मकसद साफ था पीएम मोदी की बात जन जन तक पहुंचे
-गांव ढाणी तक मन की बात कार्यक्रम को पहुंचाया गया
-खुद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी लगातार फीडबैक लेते है मन की बात से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर
बीजेपी का राजस्थान में कैडर मजबूत है. यही कारण है कि मन की बात कार्यक्रम को नीचे तक सुनने और दिखाने के लिए टीमों का गठन किया गया. फिर मॉनिटरिंग के जरिए लक्ष्य तक पहुंचाया गया. कार्यक्रम में ना केवल बीजेपी कार्यकर्ता बल्कि बुद्धिजीवी, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं को भी जोड़ा गया. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात कार्यक्रम के जरिए भारत की बात करते विकसित और आत्मनिर्भर देश की बात करते है उनकी कही बातों में गांव होते है तो शहर भी. इतिहास के साथ नवाचारों का समावेश होता है. एक तरह से बीजेपी अपने प्रधानमंत्री के विचारों को सामान्य जन तक पहुंचाने में जुटी है. प्रयास जारी है.