जयपुर: संगठन निर्माण के लिहाजा से अगले दो माह राजस्थान कांग्रेस के लिए काफी अहम रहेंगे.इस माह तमाम 50 जिला कांग्रेस कमेटियों का नए सिरे से गठन हो जाएगा.वहीं ग्राम पंचायत औऱ शहरी वार्डों की कार्यकारिणी में करीब 50 हजार से ज्यादा नियुक्तियां होगी.उसके बाद अगले माह पीसीसी में फेरबदल हो सकता है. ओबीसी आयोग का कार्यकाल बढ़ाने के बाद अब निकाय और पंचायत चुनाव सितंबर से पहले होते नहीं दिख रहे.लिहाजा चुनाव टलने के बाद अब कांग्रेस ने एक बार फिर संगठन निर्माण औऱ मजबूती की कवायद शुरु कर दी है.अप्रैल औऱ मई अगले दो माह राजस्थान कांग्रेस में जिलों से लेकर निचले स्तर तक अब हजारों की तादाद में नियुक्तियां होगी.प्रदेश नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी,ग्राम पंचायत और शहरी वार्डों कार्यकारिणी गठन के टास्क को इसी माह में अंजाम दे देगा.
राजस्थान कांग्रेस का संगठन निर्माण का एक्शन प्लान:
-अगले दो माह में संगठन में होगी हजारों नियुक्तियां
-जल्द सभी 50 जिला कांग्रेस कमेटियों का नए सिरे से होगा गठन
-जिला कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी में होंगे करीब 2310 पदाधिकारी
-38 जिलों में 51 और 12 जिलों में 31 पदाधिकारियों की होगी कार्यकारिणी
-ग्राम पंचायत और शहरी वार्डों में होगी अध्यक्षों की नियुक्ति
-दोनों कार्यकारिणी में करीब 55 हजार कार्यकर्ताओं को किया जाएगा एडजस्ट
-खाली चल रहे विभागों औऱ प्रकोष्ठों में भी गठन की कवायद हुई तेज
-अगले माह फिर पीसीसी में हो सकता है अहम बदलाव
जिला कांग्रेस कमेटियों के गठन की कवायद बस अंतिम चरण में है.पीसीसी चीफ गोविंद सिंह खुद लिस्ट जारी करने की एक्सरसाइज में जुटे हुए हैं.वहीं जिला अध्यक्षों को संगठ बढाओ-लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड नियुक्तियों का टास्क दे रखा है.वार रुम से लगाता इस नियुक्ति प्रक्रिया की सतत निगरानी हो रही है.अप्रैल माह में दोनों जगह नियुक्तियों का काम पूरा हो जाएगा.वहीं इस माह खुद डोटासरा औऱ टीकाराम जूली भी जिलों का दौरा करते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरेंगे.
अब बात लंबे समय से इंतजार हो रहे बड़े बदलाव की.एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में बदलाव की सुगबुगाहट शुरु हो चुकी है.सामने आ रहा है कि पीसीसी चीफ स्तर पर यह बदलाव पाइपलाइन में है.फेरबदल के तहत निष्क्रिय पदाधिकारियों की और जिला अध्यक्ष बनने वाले पदाधिकारियों की छुट्टी होना तय है.वहीं कईं नए औऱ मेहनती चेहरों को फिर उसमें लिया जाएगा.सामने आ रहा है कि मई में पांच राज्यों के चुनाव होने के बाद पीससी में फेरबदल हो सकता है.