राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने साझा किए अनुभव, कहा-सफलता के बाद भी चुनौती चुनना मेरी आदत

राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026: पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने साझा किए अनुभव, कहा-सफलता के बाद भी चुनौती चुनना मेरी आदत

जयपुर: राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026 में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अनुभव साझा किए. स्मृति ईरानी ने कहा कि सफलता के बाद भी चुनौती चुनना मेरी आदत है. हर सुबह सोचती हूं, आज कौन-सी नई दुनिया को चुनौती दे सकती हूं. आराम नहीं, जोखिम और संघर्ष से असली सफलता बनती है. सफलता लोगों को कम्फर्ट जोन में ले जाती है, मैं सीमाएं तोड़ती हूं.

10 साल केंद्रीय मंत्री, कई ऐतिहासिक जिम्मेदारियां निभाई:

टीवी के शिखर पर रहते हुए राजनीति में आई. राजनीति में प्रवेश कोई मजबूरी नहीं, जानबूझकर लिया फैसला. अमेठी जैसी कठिन सीट से चुनाव लड़ा. महिला होने के कारण नहीं, काबिलियत के कारण जिम्मेदारी मिली. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि नोट या डॉलर नहीं जानता कि हाथ पुरुष का है या महिला का. 49 साल की उम्र में भी सीखने और आगे बढ़ने की ललक है. 10 साल केंद्रीय मंत्री, कई ऐतिहासिक जिम्मेदारियां निभाई. महिला उद्यमियों के लिए 'स्पा' पहल की शुरुआत है. 300 शहरों में महिलाओं के माइक्रो बिजनेस को जोड़ने का लक्ष्य है. 100 मिलियन डॉलर का इम्पैक्ट फंड जुटाने की योजना है. 75 प्रतिशत महिला उद्यमियों को क्रेडिट नहीं मिलता.

स्टार्टअप मेंटरशिप और सोशल इम्पैक्ट पर विचार रखे:

आपको बता दें कि राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के दूसरा दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का सत्र हुआ. पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के साथ फायरसाइड चैट 'लीडरशिप बियॉन्ड लेबल्स' में सार्वजनिक जीवन और नेतृत्व पर संवाद हुआ. स्टार्टअप मेंटरशिप और सोशल इम्पैक्ट पर विचार रखे. अब तक दो स्टार्टअप्स को गाइड करने का दावा किया गया. एक की वैल्यूएशन करीब 200 करोड़ रुपए है. दूसरा स्टार्टअप हेल्थ सेक्टर से जुड़ा, बिल गेट्स ने निजी पूंजी से निवेश किया.  स्मृति ईरानी ने कहा कि सिर्फ महिला उद्यमी नहीं है. माइक्रो और स्मॉल बिजनेस पर भी फोकस है. स्मृति ईरानी वेंचर कैपिटल तक MSME की पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है. 

सबका साथ, सबका विकास' के साथ 'सबका प्रयास' भी जरूरी:

गाइड किए गए एक स्टार्टअप ने एक साल में 9 शहरों में विस्तार किया. स्टार्टअप ने 150 करोड़ रुपये से ज्यादा का GMV हासिल किया. अलग-अलग सेक्टर्स और ट्रेड एसोसिएशनों को एक मंच पर लाना बड़ी ताकत बनी. गेट्स फाउंडेशन का सहयोग, टाटा ट्रस्ट से बातचीत जारी है. डेलॉयट नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़ा. सबका साथ, सबका विकास' के साथ 'सबका प्रयास' भी जरूरी है.