दिल्ली रोड पर ईको-सेंसेटिव जोन में भू कारोबारी बसा रहे हैं मुबारक नगर, जेडीए जोन दो में दिल्ली रोड पर बसा रहे अवैध कॉलोनी, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः अवैध कॉलोनी काटने के मामले में भू कारोबारी इकोलॉजिकल जोन ही नहीं बल्कि नाहरगढ़ सेंचुरी के इको सेंसिटिव जोन में भी सक्रिय है. जेडीए की बिना स्वीकृति कानून-कायदों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. 

यह अवैध कॉलोनी जयपुर विकास प्राधिकरण के जोन 2 में जयपुर-दिल्ली हाईवे पर नई माता मंदिर के पास काटी जा रही है. यह क्षेत्र वन विभाग की नाहरगढ़ सेंचुरी से जुड़े ईको-सेंसेटिव जोन में आता है. यहां कारोबारियों ने मुबारक नगर चतुर्थ के नाम से अवैध कॉलोनी सृजित की है. करीब दस बीघा कृषि भूमि में यह कॉलोनी बसाई जा रही है. स्थानीय प्रोपर्टी बाजार में इस अवैध मुबारक नगर के नक्शे आ चुके हैं. यहां पर सडक़ निर्माण के कार्य चल रहे हैं तो आधा दर्जन से अधिक विलाज बनाने का काम भी जोरों से चल रहा है. कुछ भूखंडों पर मकानों व दुकानों का निर्माण किया जा चुका है. यह कॉलोनी प्रभावशाली लोगों की है. यहां पर लठैत भी तैनात कर रखे हैं, जो आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखते है. इको सेंसिटिव जोन हो या इकॉलोजिकल जोन ये दोनों ही किसी भी तरह की नई बसावट के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित है. इसको लेकर समय-समय पर अदालती आदेश भी जारी किए गए हैं. लेकिन इसकी परवाह ना तो वन विभाग को है और नहीं जेडीए को.

अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने, रोकने के लिए धरातल पर किसी भी तरह की ठोस कार्रवई नहीं की जा ही है
स्थानीय नागरिक भी अवैध कॉलोनियों की लगातार शिकायतें दे रहे हैं,लेकिन कार्यवाही नहीं हो रही है
जेडीए के प्रवर्तन दस्ते ने दिल्ली रोड पर एक बड़े मैरिज गार्डन को तो सील कर दिया
लेकिन इस मामले में जेडीए की प्रवर्तन शाखा के जिम्मेदार अधिकारी "मौन" हैं
ईको सेंसटिव जोन में अवैध कॉलोनी मुबारक नगर में 120 भूखण्ड सृजित किए गए हैं
आजाद गृह निर्माण सहकारी समिति लिमिटेड के बैकडेट पट्टों के आधार पर भूखंड बेचे जा रहे हैं
इसमें एक प्रभाशाली राजनेता की भी एक बीघा जमीन बताई जा रही है

जानकार सूत्रों के अनुसार यह जमीन को आजाद गृह निर्माण सहकारी समिति के नाम सरेंडर कर दी गई है. मुबारक नगर चतुर्थ के नाम से यह अवैध कॉलोनी दिल्ली रोड से मात्र पचास मीटर की दूरी पर है. दिल्ली रोड के नजदीक होने के कारण भूखंडों के भाव भी 25 से 30 हजार रुपये प्रति वर्गगज है, जो तीस, पच्चीस और बीस फीट सडक़ के हिसाब से है.   

अवैध कॉलोनी मुबारक नगर और आस-पास का पूरा क्षेत्र ईको-सेंसेटिव जोन में है
यहां पर किसी भी तरह की आवासीय कॉलोनी, होटल-मोटल या कमर्शियल निर्माण की गतिविधियों पर रोक है
बावजूद इसके दिल्ली रोड पर नाहरगढ़ सेंचुरी के दायरे में धड़ल्ले से अवैध कॉलोनियां बस रही है
अवैध बसावट को रोकने के लिए ना तो वन विभाग और ना ही जेडीए या जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई की जा रही है
कानून में कृषि भूमि को अकृषि कार्य में तब्दील करने पर जमीन को जब्त करने,
अवैध कॉलोनी को ध्वस्त करने और उक्त जमीन पर सुरक्षा गार्ड तैनात करने के अधिकार हैं
लेकिन मामले मे कोई कारगर कार्रवाई नहीं की जा रही है
चर्चा है कि भू कारोबारी भी इस दावे के साथ भूखंड बेच रहे हैं कि जेडीए यहां कार्रवाई नहीं करेगा.
ईको सेंसेटिव जोन में कृषि भूमि में किसी भी तरह की आवासीय, कमर्शियल और अन्य गतिविधियों पर पूर्णतया रोक है
सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट ने सेंचुरी एरिया और जयपुर मास्टर के विपरीत बिना मंजूरी के अवैध कॉलोनी बसाने पर रोक लगा रखी है
राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर पीठ ने गुलाब कोठारी प्रकरण में हरित क्षेत्र के संरक्षण के आदेश दिए हैं
कोर्ट ने 35 तरह के दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं, 
जिसमें हरित क्षेत्र (इकोलॉजिकल व ग्रीन जोन) में अवैध आवासीय गतिविधियों व विकास कार्यों पर भी रोक है
दिल्ली रोड, आगरा रोड के हरित क्षेत्र को देखते हुए हाईकोर्ट ने मास्टर प्लान की सख्ती से पालन के आदेश दिए हैं
सुप्रीम कोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट के इन आदेशों के बावजूद भू कारोबारी अवैध कॉलोनी बसाने में लगे हुए हैं