जयपुर: अब स्कूलों में बच्चे स्थानीय भाषा पढ़ेंगे. शिक्षा विभाग ने राजस्थान में बहुभाषी शिक्षा परियोजना की शुरुआत की है. किताबों में ‘लाडू', ‘रोटलो' और ‘मोटो बापो' जैसे शब्द शामिल होंगे.
परियोजना संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ), ‘रूम टू रीड' और लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन' के सहयोग से संचालित होगी. घर-स्कूल के वातावरण के बीच भाषायी असमानता नहीं होगी. पहले चरण में नौ जिलों प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, पाली, सिरोही और उदयपुर को शामिल किया है.
अब स्कूलों में बच्चे पढ़ेंगे स्थानीय भाषा
-शिक्षा विभाग ने राजस्थान में बहुभाषी शिक्षा परियोजना की शुरुआत की
-किताबों में ‘लाडू', ‘रोटलो' और ‘मोटो बापो' जैसे शब्द होंगे शामिल
-परियोजना संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ), ‘रूम टू रीड' और
-‘लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन' के सहयोग से संचालित
-घर-स्कूल के वातावरण के बीच नहीं होगी भाषायी असमानता
-पहले चरण में नौ जिलों प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़,
-राजसमंद, पाली, सिरोही और उदयपुर को किया शामिल