जयपुर: राजस्थान की सियासी जमीन पर पंचायत राज और निकाय चुनाव की आहट शुरु हो गई है. भारतीय आदिवासी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी, RLP, RLD, आम आदमी पार्टी और ओवैसी की पार्टी AIMIM ने तैयारी शुरू कर दी है. इनके अपने प्रभाव क्षेत्र है और प्रभावी नेता भी. थर्ड फ्रंट में सर्वाधिक विधायकों वाली पाई भारतीय आदिवासी पार्टी है.
--- पंचायत चुनाव और भारतीय आदिवासी पार्टी ---
चार विधायक है धरियावद विधायक थावर चंद, आसपुर विधायक उमेश मीणा, बागीदौरा विधायक जयकृष्ण पटेल और चौरासी विधायक अनिल कटारा
राजकुमार रोत है बांसवाड़ा डूंगरपुर से सांसद
TSP के तीन जिलों डूंगरपुर,बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ में प्रभाव
पंचायत चुनाव में उतरने को पूरी तरह तैयार
जनजाति वर्ग का आरक्षण बढ़ाने की मांग सर्वोपरि
आदिवासी बेल्ट में व्यापक असर
उदयपुर,चितौड़ और राजसमंद जिलों तक पहुंचने की तैयारी
बीजेपी और कांग्रेस के सामने जनजाति बेल्ट में मजबूत चुनौती
--- पंचायत चुनाव और BSP ---
मायावती की पार्टी के राजस्थान में दो विधायक
सार्दुलपुर ( राजगढ़) विधायक मनोज न्यांगली और
बाड़ी विधायक जसवंत सिंह
BSP के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद राजस्थान में सक्रिय
पूर्वी राजस्थान और शेखावाटी की सीटों पर फोकस
दलित बहुल पंचायत सीटो पर तैयारी
नए बसपा प्रदेश अध्यक्ष सुमरत सिंह जुटे कैडर की मजबूती में
--- पंचायत चुनाव और RLD ---
राजस्थान में RLD से एक विधायक है सुभाष गर्ग
जोगेंद्र अवाना के अध्यक्ष बनने के बाद नेटवर्क फैला
पंचायत और निकाय चुनाव में उतरने की तैयारी
प्रभाव क्षेत्र UP से सटे भरतपुर और धौलपुर बेल्ट
चौधरी अजीत सिंह की पार्टी होने के कारण जाट बेल्ट में प्रभाव
--- पंचायत चुनाव और RLP ---
RLP से नागौर सांसद है हनुमान बेनीवाल
अभी एक भी विधायक नहीं
लेकिन प्रभाव क्षेत्र नागौर,मारवाड़ और शेखावाटी
--- पंचायत निकाय चुनाव और आम आदमी पार्टी ---
निकाय चुनाव पर विशेष फोकस
फिलहाल राजस्थान में कैडर को खड़ा करने की कोशिश
--- पंचायत चुनाव और CPM ---
माकपा और भाकपा पंचायत चुनाव में उतरने को तैयार
अभी सीकर से सांसद कॉमरेड अमराराम
बीकाणा और शेखावाटी है प्रभाव क्षेत्र
राजस्थान की चुनावी राजनीति में मुख्य मुकाबले वाले राजनीतिक दल कांग्रेस और भाजपा है, तीसरे मोर्चे का यहां कोई खास वजूद नहीं रहा. इसके बावजूद बसपा,BAP,RLP सरीखे दलों ने ताकत झोंक दी है. बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे और राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद के लगातार राजस्थान दौरे शुरू हो गए पंचायत चुनाव का आगाज कर दिया हाथी करवट लेने की तैयारी में है.
भारतीय आदिवासी पार्टी दक्षिणी राजस्थान की बड़ी ताकत है. लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद पंचायत चुनावों में ताकत दिखाना चाहती है BAP. जनजाति वर्ग के बीच पैठ बीजेपी और कांग्रेस के लिए दिक्कतें पैदा कर सकती है. उधर ओवैसी की पार्टी AIMIM भी निकाय चुनावों में उतरने को तैयार है. AIMIM प्रमुख ओवैसी ने पहले ही राज्य में मुस्लिमों के बीच पैठ बनाना शुरू कर दिया है. मुस्लिमों के बीच के प्रमुख चेहरों ने पार्टी गतिविधियों का आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया है और BAP से गठजोड़ हो सकता है.