रोडवेज का बढ़ेगा बेड़ा ! लंबित इलेक्ट्रिक बसों का सपना होने वाला है अब साकार, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान रोडवेज के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है. लंबे समय से लंबित इलेक्ट्रिक बसों का सपना अब साकार होने के करीब पहुंच गया है. रोडवेज के प्रबंध निदेशक पुरुषोत्तम शर्मा की लगातार कोशिशों के बाद अब राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता लगभग साफ हो गया है.

रोडबेज प्रबंधन ने इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए टेंडर प्रक्रिया के तहत दो कंपनियों को शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है. योजना के तहत कुल 300 इलेक्ट्रिक बसें राजस्थान रोडवेज के बेड़े में शामिल की जाएंगी. इनमें से एक कंपनी 246 बसें उपलब्ध कराएगी, जबकि शेष बसें दूसरी कंपनी द्वारा दी जाएंगी. इस पूरी योजना की सबसे खास बात यह है कि इन बसों का परिचालन खर्च काफी कम रहेगा. प्रति किलोमीटर 34 रुपए 59 पैसे का खर्च सामने आया है, जो देशभर में अब तक का सबसे कम बताया जा रहा है. इससे रोडवेज की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने के साथ-साथ यात्रियों को भी बेहतर और किफायती सेवाएं मिल सकेंगी.अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त विभाग को भेजा जाएगा. वित्त विभाग की स्वीकृति मिलते ही रोडवेज की ओर से कंपनियों को लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी किया जाएगा. इसके बाद बसों की आपूर्ति और संचालन की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ेगी.    

गौरतलब है कि राजस्थान में इलेक्ट्रिक बसों को शुरू करने की कवायद पिछले चार वर्षों से जारी थी, लेकिन विभिन्न तकनीकी और वित्तीय कारणों से यह योजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी. कई बार टेंडर प्रक्रिया भी सफल नहीं हो पाई थी. ऐसे में यह सफलता रोडवेज प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि डीजल पर निर्भरता भी कम होगी. इससे प्रदूषण में कमी आएगी और शहरों में स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही, इलेक्ट्रिक बसें यात्रियों को अधिक आरामदायक और आधुनिक सुविधाओं से लैस यात्रा अनुभव भी प्रदान करेंगी.रोडवेज के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के लागू होने के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों और व्यस्त रूट्स पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया जाएगा. इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी.कुल मिलाकर, यह कहा जा सकता है कि पुरुषोत्तम शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान रोडवेज ने एक बड़ा कदम उठाया है, जो आने वाले समय में राज्य की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई दिशा देगा. यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो जल्द ही राजस्थान की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी और यह प्रदेश के परिवहन इतिहास में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा.