नई दिल्लीः दिल्ली में RSS का शताब्दी समारोह आयोजित किया जा रहा है. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी देशवासियों को नवरात्रि की बधाई. कल विजयादशमी का महापर्व है. विजयादशमी अंधकार पर प्रकाश की जीत का पर्व है. विजयादशमी भारतीय संस्कृति के विचार, विश्वास का उद्घोष. विजयादशमी अन्याय पर न्याय की जीत.
विजय कुमार मल्होत्रा को श्रद्धांजलि. विजयादशमी पर संघ की स्थापना महज संयोग नहीं, स्वयंसेवक राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित है. स्वयंसेवक राष्ट्र को समृद्ध कर रहे हैं. RSS संस्थापक डॉ. हेडगेवार के चरणों में श्रद्धांजलि है. आज RSS से जुड़ा सिक्का जारी किया गया है. सिक्के पर एक तरफ राष्ट्रीय चिन्ह है. दूसरी तरफ सिंह पर विराजमान भारत माता की छवि और संघ के कार्यकर्ता दिखाई देते हैं. ऐसा भारतीय मुद्रा पर भारत माता की छवि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार हुआ है. इस सिक्के पर संघ का बोध वाक्य भी है.
संघ को रोकने का षड्यंत्र हुआ. संघ के खिलाफ साजिश रची गई. जीभ की तरह संघ को दांतों में दबाने की कोशिश हुई. गोलवलकर को झूठे केस में फंसाया गया. गोलवलकर को जेल में यातनाएं दी गई. संघ के स्वयंसेवकों ने कभी कटुता को स्थान नहीं दिया. संघ आज तक विराट वृक्ष की तरह खड़ा है. RSS का लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं में अडिग विश्वास है. संघ की धारा में कभी विरोधाभास नहीं हुआ. संघ का उद्देश्य राष्ट्रनिर्माण है. संघ ने राष्ट्र की आत्म को संबल दिया. संघ राष्ट्रभक्ति और सेवा का पर्याय है.