जयपुर: आरटीओ जयपुर प्रथम ने बिना अग्रिम मोटर वाहन कर चुकाए सड़कों पर दौड़ रहे डंपरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर ली है. विभाग ने ऐसे वाहन मालिकों पर शिकंजा कसने के लिए अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिससे टैक्स चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सके.
आरटीओ कार्यालय ने एक हजार से अधिक डंपरों की सूची तैयार कर खनन विभाग को भेज दी गई है. इन सभी वाहनों ने निर्धारित समय सीमा में अग्रिम टैक्स जमा नहीं कराया है, बावजूद इसके ये वाहन लगातार सड़कों पर संचालित हो रहे हैं. नियमों के अनुसार बिना टैक्स चुकाए किसी भी वाहन का संचालन पूरी तरह अवैध है, ऐसे में विभाग अब इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है.आरटीओ प्रशासन ने ऐसे डंपरों के खिलाफ कार्रवाई का सबसे बड़ा हथियार उनके ई-रवन्ना को बनाया है. खनन कार्य में लगे वाहनों के लिए ई-रवन्ना अनिवार्य होता है, जिसके बिना वे खनिज परिवहन नहीं कर सकते.
अब जिन डंपरों ने टैक्स जमा नहीं किया है, उनके ई-रवन्ना को बंद करवाया जा रहा है. इससे इन वाहनों का संचालन लगभग ठप हो जाएगा और मालिकों पर टैक्स जमा कराने का दबाव बनेगा.विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जा रही है और सूचीबद्ध सभी वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है. यदि इसके बावजूद भी वाहन मालिक टैक्स जमा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें बकाया टैक्स पर भारी पेनल्टी लगाना, मौके पर वाहन को सीज करना और अतिरिक्त जुर्माना लगाना शामिल है.
RTO राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि ऐसे मामलों में वाहन मालिकों पर कम से कम पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाएगा. इसके साथ ही यदि वाहन संचालन करते हुए पकड़ा जाता है तो तत्काल सीज की कार्रवाई भी की जाएगी, जिससे अन्य वाहन मालिकों को भी सख्त संदेश दिया जा सके.इस पूरी कार्रवाई को लेकर आरटीओ राजेंद्र सिंह शेखावत के निर्देश पर डीटीओ आदर्श सिंह राघव ने खनन विभाग को औपचारिक पत्र लिखकर सहयोग मांगा है.
पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि टैक्स नहीं चुकाने वाले वाहनों के ई-रवन्ना तुरंत प्रभाव से बंद किए जाएं, ताकि राजस्व हानि को रोका जा सके.परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से साफ है कि अब टैक्स चोरी करने वाले वाहन मालिकों के लिए राहत की कोई गुंजाइश नहीं बची है. विभाग का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि सड़क पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना भी है. आने वाले दिनों में इस अभियान के और तेज होने की संभावना है, जिससे बड़ी संख्या में डंपर मालिकों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है.