बजट क्रियान्वयन पर सख्ती, मुख्य सचिव के कड़े निर्देश, 2.62 लाख करोड़ की योजनाओं पर फोकस, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः वित्तीय वर्ष 2026-27 के विधानसभा में बजट अनुमानों के पारित होने के बाद भजनलाल सरकार ने योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सभी विभागों, संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित वित्तीय एवं भौतिक लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करें. 2.62 लाख करोड की योजना क्रियान्विति को लेकर मुख्य सचिव ने सभी विभागों को तेजी से उठाए जानेवाले कदमों को लेकर व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं. 

बजट दस्तावेज के वॉल्यूम 4बी के अनुसार राज्य निधि व केंद्र सहायता के तहत विभिन्न योजनाओं/कार्यक्रमों के लिए कुल ₹2,62,781.58 करोड़ का प्रावधान किया गया है. इन योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी और प्रभावी सुपरविजन को अनिवार्य बताया गया है, ताकि वित्तीय वर्ष के अंतिम तिमाही में अनावश्यक खर्च की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जा सके.

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि—
नई योजनाओं और मदों की स्वीकृतियां तुरंत जारी की जाएं.

सभी विभाग जिला-वार भौतिक और वित्तीय लक्ष्यों का विवरण तैयार कर अधीनस्थ कार्यालयों, जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को शीघ्र उपलब्ध कराएं.

स्वीकृत जिला-वार वित्तीय प्रावधान के अनुसार ही धनराशि का आवंटन सुनिश्चित किया जाए.

केंद्र सहायता के बेहतर उपयोग के लिए संबंधित मंत्रालयों को प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं और समय पर स्वीकृति एवं राशि जारी कराने के प्रयास किए जाएं.

केंद्र सरकार से पूर्व वर्षों में प्राप्त राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) समय पर भेजे जाएं तथा लंबित राशि शीघ्र जारी कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं.

SNA-SPARSH योजनाओं में शेष राशि का उपयोग सुनिश्चित करते हुए केंद्र सरकार से मदर सैंक्शन जारी कराने की कार्यवाही की जाए.

सामाजिक योजनाओं की मॉनिटरिंग
अनुसूचित जाति उप-योजना (हेड 789) और अनुसूचित जनजाति उप-योजना (हेड 796) के तहत व्यय का विवरण हर माह की 7 तारीख तक संबंधित विभागों को भेजना अनिवार्य किया गया है.

जिला स्तर पर जिम्मेदारी तय
जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्तों को सभी विभागों की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी और समय-समय पर भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी विभागों को मासिक वित्तीय एवं भौतिक प्रगति रिपोर्ट तैयार कर नियमित समीक्षा करने को कहा गया है.     

अतिरिक्त दिशा-निर्देश
बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं यानि Externally Aided Projects का 100% क्रियान्वयन और फंड उपयोग सुनिश्चित किया जाए.

वित्तीय वर्ष के अंत में बजट राशि को अन्य मदों में डायवर्ट करने या पीडी खातों में ट्रांसफर करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाई जाए.

राज्यपाल के अभिभाषण में की गई घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए.

बजट 2026-27 और संकल्प पत्र 2023 की घोषणाओं की निरंतर मॉनिटरिंग कर CMIS पोर्टल पर अपडेट किया जाए.

पीडी और SNA खातों में शेष राशि के 100% उपयोग के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाए.

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया है कि इन सभी निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन हो और निर्धारित लक्ष्यों को समय पर हासिल किया जा सके.