जयपुरः वॉर के बीच अल्कोहल इंडस्ट्री पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है. इसकी सबसे तगड़ी मार बीयर पीने वालों पर पड़ने वाली है. गैस आपूर्ति में बाधा,कांच की बोतलों की लागत 20% तक बढ़ी. एल्युमीनियम की आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के कारण कैन की कमी हुई है. प्रोडक्शन पर असर,कई जगह पर प्रोडक्शन ठप होने की स्थिति है.
भारत अपनी लगभग 40% गैस जरूरत कतर से पूरी करता है. फिर गर्मी की दस्तक,जिससे डिमांड पीक पर पहुंचने के साथ बीयर की कीमतों में 12-15% तक बढ़ोतरी हो सकती है. साल 2025 में करीब 405 करोड़ लीटर बीयर की बिक्री हुई है. 2025 में बीयर की मार्केट वैल्यू 4.7 लाख करोड़ रु. के पास रही. भारत में अभी भी बीयर की खपत पश्चिमी देशों की तुलना में कम है.