जयपुर: भजनलाल सरकार सरकारी कार्यालयों में सफाई और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए 1 से 30 अप्रैल तक 1 महीने के लिए व्यापक अभियान शुरू करने जा रही है. सीएस वी श्रीनिवास ने इसके लिए सभी सरकारी कार्यालयों के लिए अभियान में होने वाले कामों को लेकर प्रशासनिक सुधार विभाग का आदेश जारी किया है. राज्य में सुशासन को मजबूत करने और सरकारी कार्यालयों की कार्यसंस्कृति में सुधार लाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने “स्वभाव स्वच्छता – संस्कार स्वच्छता” नाम से एक माह का विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है. यह अभियान 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रदेशभर में संचालित किया जाएगा.
क्यों किया जा रहा है अभियान ?:
सरकारी कार्यालयों में लंबे समय से लंबित पत्रावलियों, अव्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन, कार्यालय परिसरों के अप्रभावी उपयोग और ई-वेस्ट व अनुपयोगी सामग्री के जमाव को देखते हुए यह विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है. सरकार का मानना है कि अस्वच्छता और अव्यवस्था से न केवल राजकार्य प्रभावित होता है बल्कि कार्मिकों की कार्यमनोस्थिति तथा आमजन में सरकारी छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
अभियान के तहत मुख्य कार्य:
-सभी राजकीय कार्यालयों में व्यापक साफ-सफाई
-कार्यालय कक्षों का बेहतर स्पेस मैनेजमेंट
-अनुपयोगी पत्रावलियों का अभिलेखन और उन्हें नष्ट करना
-ई-वेस्ट का नियमसम्मत निपटान
-कबाड़, फर्नीचर व अनुपयोगी वाहनों की नीलामी
-प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय व न्यायालय संदर्भित प्रकरणों का निस्तारण
-जनसेवा व जनसंपर्क से जुड़े मामलों का समाधान
-अंतर-विभागीय लंबित प्रकरणों का निपटारा
अभियान का दायरा:
-यह विशेष अभियान सचिवालय से लेकर जिला और ग्राम स्तर तक सभी सरकारी कार्यालयों, विभागों, बोर्ड, निगम, आयोग और स्वायत्त संस्थाओं में संचालित किया जाएगा.
चरणबद्ध क्रियान्वयन:
-प्रारंभिक चरण (1–10 अप्रैल):
नोडल अधिकारियों की नियुक्ति:
-कार्ययोजना निर्माण
-रिकॉर्ड व स्क्रैप की पहचान
-प्रशिक्षण व पोर्टल तैयारी
-मुख्य चरण (11–30 अप्रैल):
सफाई अभियान:
-रिकॉर्ड प्रबंधन सुधार
-ई-वेस्ट व स्क्रैप निस्तारण
-लंबित मामलों का समाधान
-मूल्यांकन चरण (1–15 मई):
उपलब्धियों का डेटा संकलन:
-पोर्टल अपलोड
-विभागवार समीक्षा
👀 निगरानी व्यवस्था:
-विभागीय सचिव करेंगे साप्ताहिक समीक्षा
-नोडल अधिकारी प्रगति रिपोर्ट अपलोड करेंगे
-राज्य स्तर पर समेकित मॉनिटरिंग
-“Before–After” फोटो व वीडियो अपलोड अनिवार्य
जनजागरूकता:
-अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए विभागीय वेबसाइट, सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा ताकि स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता सुनिश्चित हो सके. इसके तहत सबसे अहम 3 माह से लंबित प्रकरणों की पहचान करके उनसे जुड़े दस्तावेज नष्ट करना है. इसके तहत कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी. साथ ही 1 से 15 मई तक सभी विभाग अभियान के तहत उपलब्धि और अन्य अहम सूचनाओं को एक जगह करके अभियान से पहले और बाद का वीडियो अपलोड करेंगे जिसके आधार पर मूल्यांकन होगा.