जयपुरः 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र को कई मायनों में खास कहा जा सकता है. राजस्थान विधानसभा पहली ऐसी विधानसभा बनी जहां प्रश्नों के 97प्रतिशत जवाब प्राप्त हो गए.16वीं विधानसभा में विगत चार सत्रों में 22735 प्रश्न रहे इनमें से 22074 प्रश्नों के उत्तर राज्य सरकार से प्राप्त हो गये हैं
राजस्थान की विधानसभा का गौरब पूर्ण इतिहास रहा है. सुखाड़िया युग से लेकर भैरों सिंह युग में कई कीर्तिमान राजस्थान की विधानसभा ने रचे. रामनिवास मिर्धा,परसराम मदेरणा, हरिशंकर भाभडा , पूनम चंद विश्नोई , गिरिराज प्रसाद तिवाड़ी सरीखे दिग्गजों ने अपने आचरण और सिद्धांतों से राजस्थान विधानसभा को सर्वोत्तम बनाया. आज राजस्थान विधानसभा ने नया कीर्तिमान रचा विधायकों की ओर से पीछे गए सवालों के 97 प्रतिशत जवाब मिलना किसी उपलब्धि से कम नहीं. मौजूदा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इस दिशा में कारगर प्रयत्न किए.
विगत चार सत्रों में 22735 प्रश्नों में से 22074 प्रश्नों के उत्तर राज्य सरकार से प्राप्त हो गये
राज्य सरकार से लगभग 97 प्रतिशत प्रश्नों के जवाब विधानसभा को प्राप्त हो गए है
इस सत्र में विधायकों से विधानसभा को कुल 8919 प्रश्न प्राप्त हुए
जिनमें 4311 तारांकित, 4603 अतारांकित तथा 5 अल्प सूचना से संबंधित प्रश्न शामिल थे
इनमें से 440 तारांकित प्रश्न सूचीबद्ध किए गए
जिनमें से 232 प्रश्न मौखिक रूप से पूछे गए और उनके उत्तर दिए गए
इसी प्रकार 451 अतारांकित प्रश्न भी सूचीबद्ध हुए
डॉ सीपी जोशी जब स्पीकर थे तब उन्होंने आख्यान संग्रहालय समेत कई नवाचार किए, कांस्टीट्यूशन क्लब, विधायक आवास तैयार हुए. उनके कामों को आगे बढ़ाया वासुदेव देवनानी ने. विपक्ष को भी साध कर रखा मौजूदा विधानइस सत्र के दौरान सदन की कुल 24 बैठकें आयोजित हुईं और लगभग 184 घंटे तक सदन में विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा और विधायी कार्य सम्पन्न हुए.
... विधानसभा सत्र चला 184 घंटे....
कुल 371 स्थगन प्रस्तावों की सूचनाएँ प्राप्त हुईं
जिन 84 प्रस्तावों पर सदन में बोलने का अवसर दिया गया
77 सदस्यों ने अपने विचार रखे
नियम-295 के अंतर्गत 339 विशेष उल्लेख की सूचनाएँ प्राप्त हुईं
जिनमें से 309 सदन में पढ़ी गईं या पढ़ी हुई मानी गईं ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के अंतर्गत कुल 850 सूचनाएँ प्राप्त हुईं
जिनमें से 33 प्रस्ताव सदन की कार्यसूची में सूचीबद्ध किए गए
पांचवें सत्र में विधायकगण द्वारा 1107 पर्चियाँ प्रस्तुत की गईं
जिनमें से 84 पर्चियाँ शलाका द्वारा चयनित हुईं
71 सदस्यों ने अपने विचार सदन के समक्ष रखे
कुल 10 विधेयक प्रस्तुत और और सदन में पारित किए गए
इन विधेयकों पर कुल 171 संशोधन प्रस्ताव प्राप्त हुए जिनमें से 17 संशोधन अग्राह्य किए गए
154 संशोधनों को स्वीकार किया गया
विधानसभा सत्र के अंतिम दिन स्पीकर देवनानी की दो पुस्तकों का विमोचन हुआ. सीएम भजन लाल शर्मा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विमोचन किया. कार्यक्रम यादगार रहा क्योंकि दलगत सियायत से ऊपर उठकर इसे आयोजित किया गया. अटल बिहारी वाजपेयी के ऊपर लिखी पुस्तक को बीजेपी ने ही नहीं बल्कि कांग्रेस ने भी सराहा वही स्पीकर देवनानी के नवाचारों को मील का पत्थर बताया. अब सेंट्रल हॉल की परिकल्पना को साकार किया जाएगा. अलबता ये बात जरूर स्पीकर के मन में रही कि कुछ ऐसे विधायक भी रहे जो सत्र के प्रति उदासीन रहे.