विशाखापत्तनम उपराष्ट्रपति नायडू बोले, युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से लेनी चाहिए प्रेरणा

उपराष्ट्रपति नायडू बोले, युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से लेनी चाहिए प्रेरणा

उपराष्ट्रपति नायडू बोले, युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से  लेनी चाहिए प्रेरणा

विशाखापत्तनम: उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को देश के युवाओं से स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्रेरणा लेने और एक सौहार्दपूर्ण और समावेशी समाज की दिशा में प्रयास करने का आह्वान किया. उपराष्ट्रपति ने कहा कि सभी प्रकार के भेदभाव से मुक्त समाज का निर्माण स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को वास्तविक श्रद्धांजलि है.

नायडू यहां श्री विश्वविज्ञान विद्या अध्यात्मिका पीठम के पूर्व पादरी और छठे प्रमुख उमर अलीशा के जीवन और संसदीय चर्चाओं पर आधारित एक पुस्तक के विमोचन के अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस मौके पर उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अलीशा के योगदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. नायडू ने साहित्यिक और सामाजिक क्षेत्रों के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण के लिए अलीशा के प्रयासों का भी उल्लेख किया. उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय प्रगति को गति देने के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है. उन्होंने व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि के लिए लड़कियों की शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया.

नायडू ने मातृभाषा के उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, 'हम चाहे अंग्रेजी, फ्रेंच और अन्य कोई भी भाषा सीख सकते हैं, लेकिन साथ ही हमें अपनी मातृभाषा को नहीं भूलना चाहिए, जो बेहद महत्वपूर्ण है. हम ज्ञान प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी सीख सकते हैं, लेकिन इस पर हमें निर्भर नहीं होना चाहिए. इसमें, हमें मातृभाषा को महत्व देना होगा.' पूर्व पादरी के पोते और पीठम के वर्तमान प्रमुख डॉ उमर अलीशा ने आम आदमी और गरीबों के कल्याण के लिए किए गए विभिन्न कार्यों के बारे में बताया. सोर्स- भाषा

और पढ़ें