विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, पूर्व सीएम गहलोत और नेता प्रतिपक्ष के बयानों पर पलटवार, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः ये धारणा बन रही है कि विधानसभा के अगले सत्र में नए नियम बनाए गए है यहां तक कहा जा रहा कि लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा गहलोत मुझे आत्म अवलोकन के लिए कहते हैं, लेकिन शायद खुद इस बात को अमल में नहीं लाते. ये कहना है विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का. पूर्व सीएम अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयानों के बाद स्पीकर वासुदेव देवनानी ने प्रेस से बात की. गहलोत के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि में गहलोत जी का सम्मान करता हूं लगता उन्होंने बुलेटिन पढ़ा ही नहीं लोकतंत्र का गला किसने घोंटा ये गहलोत साहेब अधिक जानते है नियम नहीं पढ़ते, जो प्रावधान बता रहे हैं वही उनके समय में बने थे

__पूर्व सीएम गहलोत का स्पीकर को लेकर बयान __
राजस्थान विधानसभा के आगामी सत्र के लिए जारी किए गए नए दिशा-निर्देश अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण 
 संसदीय लोकतंत्र की मूल भावना के विपरीत हैं
 आपने किसकी सलाह से ऐसा फैसला किया जिसको लेकर सभी विधायकों एवं जनता में प्रतिक्रिया तथा आक्रोश है
विधायक (Lawmaker) केवल एक क्षेत्र विशेष का ही नहीं
बल्कि पूरे प्रदेश का प्रतिनिधि होता है
उसे राज्य स्तर के नीतिगत विषयों या 5 साल पुराने मामलों पर प्रश्न पूछने से रोकना
 और मंत्रियों को जवाबदेही से 'छूट' देना
सदन की गरिमा को कम करने जैसा है

__ स्पीकर वासुदेव देवनानी ने आरोप नकारे__
स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा
साल 2020 में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. सी.पी. जोशी  विधानसभा बुलेटिन संख्या 20, 25 जनवरी 2020 जारी किया गया था
 प्रश्नी की संख्या अथवा सीमा में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है
प्रक्रिया तथा कार्य संचालन संबंधी नियम 37 (2) (8) एवं (10) मे स्पष्ट प्रावधान है
  प्रश्न अत्यधिक लम्बा नहीं होगा
ऐसा विषय नहीं उठाया जाएगा जिसकी प्रकृति इतनी विस्तृत हो
 कि उत्तर प्रश्न की सीमा में समाहित न किया जा सके इन्हीं नियमों के आधार पर यह व्यवस्था भी पूर्ववत है 
कि जहाँ तक संभव हो, पाँच वर्षों से अधिक पुरानी जानकारी नहीं मांगी जाए
ताकि विभाग द्वारा निर्धारित समयावधि में उत्तर उपलब्ध कराया जा सके 
 विधायक सदन में अपना पक्ष प्रभावी रूप से रख सकें
16वीं विधानसभा के पंचम सत्र में कोई नया प्रावधान नहीं
सदन की व्यवस्थाएं पूर्णतः पूर्ववत 

स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि स्पीकर को प्रक्रिया निर्धारित करने का पूर्ण अधिकार है अध्यक्ष की गरिमा पर ध्यान रखना सबका अधिकार है अध्यक्ष सदन के अंदर और बाहर भी अध्यक्ष होता है देश भर में राजस्थान विधानसभा श्रेष्ठ मानी जाती है.