जयपुर : पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने ईंधन में एक्साइज ड्यूटी पर भारी कटौती की है. पेट्रोल पर 13 रुपए से घटाकर 3 रुपए लीटर एक्साइज ड्यूटी की है. डीजल पर 10 रुपए घटाकर एक्साइज ड्यूटी जीरो हुई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से बचाना और जरूरी ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना है.
वहीं केंद्र सरकार के इस फैसले पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व देश के लिए सुरक्षा कवच सिद्ध हो रहा है. पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क को ₹13 से घटाकर ₹3 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 से घटाकर शून्य करने का निर्णय अत्यंत स्वागत योग्य है.
इस संवेदनशील कदम से देश के लाखों परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा. साथ ही वे वैश्विक उतार-चढ़ाव की अनिश्चितता से मुक्त रहेंगे. मेरी अपील है कि सभी नागरिक अफवाहों से दूर रहें और एकजुट होकर राज्य व राष्ट्र की प्रगति में अपना सहयोग दें.
बता दें कि पेट्रोल-डीजल में केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी में कटौती के चलते पेट्रोलियम कंपनियों को लैंडिंग प्राइज यानि पेट्रोल पंपों तक पहुंचने वाले पेट्रोल की कीमत में गिरावट आ सकती है. लेकिन इससे राज्य के कर में होगी कटौती या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है. क्योंकि अभी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय से स्पष्ट नोटिफिकेशन नहीं आया है.
एक्साइज ड्यूटी में कटौती से अलबत्ता यह असर जरूर आएगा.पेट्रोल पंपों को मिलने वाले पेट्रोल की आपूर्ति में कमी नहीं हो सकेगी. क्रूड ऑयल की आपूर्ति में कमी नहीं हो सकेगी. माना जा रहा है कि आम उपभोक्ता की जेब पर इसका संभवतः असर नहीं पड़ेगा.