जयपुरः जयपुर डिस्कॉम प्रशासन की वित्तीय सेहत में 26 सालों में पहली बार सुधार देखा गया है. अब इसे डिस्कॉम के अनावश्यक खर्चों में लाई गई कमी और पुराने बकाया राजस्व की रिकवरी पर विशेष फोकस का परिणाम कहे या विभिन्न बैंकों के ऋणों पर ब्याज दरों में आई कमी का पॉजिटिव इफेक्ट, जिसके चलते डिस्कॉम के इतिहास में पहली बार ऋणभार में करीब 644 करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई है. डिस्कॉम की इस बेस्ट परफोर्मेंस का असर आगामी दिनों में बिजली के दामों में कमी के रूप में भी दिखने की उम्मीद है.
भजनलाल सरकार ने सत्ता संभालने के साथ ही ऊर्जा विभाग को पहली प्राथमिकता पर रखा....शुरूआती सालों में फ्री बिजली के चलते जिस तरह से वित्तीय स्थितियां चिंताजनक थी, उसको देखते हुए पीएम सूर्यघर योजना से स्टेट की 150 यूनिट फ्री बिजली स्कीम को जोड़ते हुए उपभोक्ताओं को सम्मानजनक तरीके से फ्री बिजली का तोहफा दिया. इसके साथ ही ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर और डिस्कॉम सीएमडी आरती डोगरा के अथक प्रयासों से कई मोर्चो पर वित्तीय खर्चों को सीमित करने का जो प्रयास किया गया, उसके परिणाम अब सामने आए है. डिस्कॉम की माने तो उच्च स्तर के प्रयासों से आर्थिक मोर्चे पर डिस्कॉम को सबसे बड़ी सफलता इस साल पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (पीएफसी) तथा रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) से अपेक्षाकृत कम ब्याज दरों पर ऋण सुविधा हासिल करने में मिली. दोनों संस्थानों से डिस्कॉम को अब न्यूनतम 8.75 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 9.60 प्रतिशत की विशेष ब्याज दरों पर शॉर्ट टर्म, मध्यावधि तथा दीर्घावधि ऋण मिल रहे हैं. ऋणों पर देय ब्याज दरों में 0.90 प्रतिशत से लेकर 1.40 प्रतिशत तक की कमी आई है. इससे उच्च ब्याज दरों वाले ऋणों पर ब्याज के बोझ को कम किया जा सका.
राजस्व में रिकॉर्ड बनाकर JVVNL ने सुधारी वित्तीय सेहत
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बेहतर आर्थिक प्रबंधन का पॉजिटिव इफेक्ट
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जयपुर डिस्कॉम ने अर्जित किया 102 प्रतिशत राजस्व
इस दौरान डिस्कॉम की कुल राजस्व वसूली 30,636 करोड़ रुपए से अधिक हुई
जो डिस्कॉम की बिलिंग राशि 30,037 करोड़ रुपए से 599 करोड़ रुपए अधिक रही
यानी इस साल डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं को जितनी बिजली की आपूर्ति की,
उसकी शतप्रतिशत रिकवरी करने के साथ-साथ बकाया के 599 करोड़ रुपए भी वसूले
इसी तरह के प्रयासों के चलते पहली बार डिस्कॉम का ऋणभार हुआ 644 करोड़ रुपए कम
जीरो डिफेक्टिव मीटर से शत-प्रतिशत बिलिंग !
वित्तीय वर्ष 2025-26 में बेहतर आर्थिक प्रबंधन का पॉजिटिव इफेक्ट
डिस्कॉम ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सभी सर्किलों को किया जीरो डिफेक्टिव मीटर
इससे एवरेज बिलिंग पर लगा अंकुश,उपभोग के आधार पर की गई शत-प्रतिशत बिलिंग
जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में मीटर के डिफेक्टिव होने के कारण डिस्कॉम पर आया वित्तीय भार
डिफेक्टिव मीटर समय पर नहीं बदले जाने के चलते उपभोक्ताओं को बिल में दी गई छूट
एक साल के भीतर विद्युत शुल्क में 2 करोड़ 4 लाख रुपए तक की देनी पड़ी थी छूट
लेकिन इस साल जीरो डिफेक्टिव मीटर के चलते छूट का ये आंकड़ा 14.84 लाख रुपए तक सिमटा
ऐसे में वित्त वर्ष 2025-26 में 1 करोड़ 90 लाख रुपए की बचत हुई,जिससे सुधरी वित्तीय सेहत
इसी तरह के अलग-अलग प्रयासों से पहली बार डिस्कॉम का ऋणभार हुआ 644 करोड़ रुपए कम
डिस्कॉम की वित्तीय सेहत में हुए सुधार में अनुपयोगी सामग्री के समयबद्ध ऑक्शन ने भी बड़ी भूमिका निभाई है. डिस्कॉम सूत्रों की माने तो डिस्कॉम ने पिछले वित्तीय वर्ष में स्क्रेप मैटेरियल की नीलामी से 118.45 करोड़ रुपए अर्जित किए, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. यह आय बीते दो वित्तीय वर्षों में अनुपयोगी सामग्री की नीलामी से प्राप्त आय से करीब-करीब दोगुनी है. जिसके चलते डिस्कॉम की वित्तीय सेहत में पहली बार रिकॉर्ड सुधार देखने को मिला है.