जयपुर: देश मे जनजातीय वर्ग के वो लोग जो बन चुके हिंदू से ईसाई ! ऐसे लाखों लोग क्या फिर से लौटेंगे अपने मूल धर्म में ?, जिस तरह का निर्णय अदालत का SC वर्ग के ईसाई बन चुके लोगों के लिए आया है, आदिवासी वर्ग के लोग भी अदालत से ऐसे फैसले की कर रहे उम्मीद, इसे लेकर 24 मई को दिल्ली मे जनजातीय सुरक्षा मंच महारैली आयोजित करेगा. देशभर से आदिवासी वर्ग से जुड़े लोग होंगे शामिल, विचार परिवार और बीजेपी से जुड़े नेताओं की रहेगी मौजूदगी, प्रधानमंत्री मोदी को भी दिया जाएगा ज्ञापन उल्लेखनीय है दक्षिणी राजस्थान में आदिवासियो के हजारों परिवार ईसाई बन गए थे, इसके बावजूद वो जनजातीय में प्राप्त आरक्षण का लाभ ले रहे है.
सुप्रीम कोर्ट ने 24 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा जो व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म जैसे ईसाई या इस्लाम को अपनाता है उसे अनुसूचित जाति का दर्जा और आरक्षण नहीं मिलेगा. इस निर्णय के बाद राजस्थान के आदिवासी अंचल में सियासत तेज हो गई है. जनजाति सुरक्षा मंच ने दिल्ली में बड़ी रैली का ऐलान कर दिया है. उल्लेखनीय है दक्षिणी राजस्थान धर्मांतरण का गवाह रहा. यहां बड़ी संख्या में जनजाति वर्ग से जुड़े परिवारों ने ईसाई धर्म ग्रहण किया. मिशनरियों का यहां प्रभाव रहा. आगे चलकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के आनुषंगिक संगठनों के प्रयासों से कई परिवार फिर हिन्दू धर्म में लौट आए. दिल्ली में आयोजित होने वाला जनजाति सांस्कृतिक समागम और गर्जना रैली बेहद अहम है.
--- जनजाति सांस्कृतिक समागम और गर्जना रैली क्यों खास! ---
-24 मई को दिल्ली के लाल किला में आयोजन
-संविधान संशोधन की मांग उठेगी
-मांग रहेगी जो आदिवासी ईसाई या मुसलमान बन चुके उन्हें नहीं मिले जनजाति वर्ग को प्राप्त आरक्षण का लाभ
-जनजातीय समाज की रुढ़ियो और परंपराओं को बचाने के मद्देनजर भी आयोजन
-भगवान बिरसा मुंडा, राणा पूंजा भील, गोविंद गुरु, टंट्या भील जैसे महान विभूतियों के संघर्ष और उनके बलिदान को स्मरण किया जाएगा
-जनजातीय समाज की अस्मिता, अस्तित्व, रीति-रिवाजों, परंपराओं और संस्कृति को बचाने पर बात होगी
जनजाति समाज के आरक्षण को सुनिश्चित और सुरक्षित करने के लिए दिल्ली में गर्जना रैली का आह्वान है. इससे पहले 4 फरवरी को जनजाति वर्ग की चितौड़ में प्रदेश कार्यशाला आयोजित हो चुकी है अब दिल्ली की रैली बेहद अहम.