उपयोगी दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन जरुरी, CS वी. श्रीनिवास के निर्देशों पर प्रशासनिक सुधार विभाग ने परिपत्र किया जारी, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः सरकारी विभागों में अनुपयोगी फाइल्स के निपटारे और उपयोगी दस्तावेजों का डिजिटाइजेशन एक नियमित प्रक्रिया है. लेकिन इसमें सामने आने वाली देरी के चलते सर्विस डिलीवरी पर भी असर पड़ता है. ऐसे में अब मुख्य सचिव के निर्देश पर प्रशासनिक सुधार विभाग ने सभी विभागों के फाइल्स और पुराने दस्तावेजों के निस्तारण और डिजिटाइजेशन के दिशानिर्देश जारी किए हैं. 

सरकारी विभागों में पुराने दस्तावेजों का संग्रहण रखना सिरदर्द का सबब बनता जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर उसका समुचित ढंग से निपटारा नहीं हो रहा है. इसका कारण क्या दस्तावेज या तथ्य रखे जाने चाहिए और क्या नहीं,इसका उस समय निर्णय नहीं किया जा सकता. इस उलझन के चलते सीएस वी श्रीनिवास के निर्देश पर प्रशासनिक सुधार विभाग ने विभागों को परिपत्र के जरिेये विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं. 

अभिलेखों का नष्ट किया जाना या निपटारा किया जानाः-
जिस समय अभिलेख नष्ट किए जा रहे हों उस समय यह देखना होगा कि उसके तथ्य किसी विधि से जुड़े नहीं हों. 
जो विधि से जुड़े हों,ऐसे लोक अभिलेख तय शर्तों के अनुसार नष्ट या निपटारा किए जाएंगे.

1892 के पूर्व सृजित किसी भी अभिलेख को तब के सिवाय नष्ट नहीं किया जाएगा जब, यथास्थिति, महानिदेशक या अभिलेखागार प्रधान की राय में वह इस प्रकार विरूपित हो गया है या उसे किसी अभिलेखागार संबंधी उपयोग में नहीं लाया जा सकता.

सारे विभाग उनके लिए उस समय के सामान्य वित्तीय - लेखा नियम, अधीनस्थ नियमावली, जिला नियमावली और सचिवालय नियमावली जैसे नियमों के अधीन रहते हुए निर्धारित प्रक्रिया अनुसार ही भौतिक अभिलेखों का निपटारा किया जाना चाहिए.

सारे विभाग ऐतिहासिक महत्व के किसी भी अभिलेख को नष्ट नहीं करेंगे और ऐसे अभिलेख की पहचान करके राज्य अभिलेखागार, बीकानेर अथवा उनके अधीन अभिलेखागार में भिजवाया जाना सुनिश्चित करना चाहिए. 

उल्लंघनों पर कार्यवाही
राजस्थान सरकार के अधीन विभागों के भौतिक अभिलेख के निपटारे में विभाग के लिए तत्समय विहित नियमों का किसी प्राधिकारी द्वारा उल्लंघन किए जाने पर तत्समय प्रवृत्त सेवा नियम के अधीन अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ आपराधिक धाराओं के प्रावधानुसार कार्यवाही होगी. 

अभिलेखों का नष्ट किया जाना
कोई भी लोक अभिलेख, अभिलिखित या फिर समीक्षा किये बिना नष्ट नहीं किया जायेगा. 
 
हर वर्ष के जनवरी मास में, प्रत्येक अभिलेख सृजक अभिकरण अभिलेख रिटेंशन अनुसूची को विचार में लेने के बाद उन सभी फाइलों को जिन पर कार्यवाही पूरी हो चुकी है, अभिलिखित करेगा. यह कार्य अभिलेख अधिकारी के परामर्श से पूरा किया जायेगा.

कोई भी भौतिक अभिलेख का उस समय के तय नियमों के अधीन किया जाएगा.

अभिलेख अभिलेख सृजक अभिकरण हर वर्ष जनवरी में अनावश्यक भौतिक अभिलेखों का निपटारा करने की प्रक्रिया विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की ओर से किया जाना सुनिश्चित करेंगे.

भौतिक अभिलेख का निपटारा विभाग के अभिलेख अधिकारी से परामर्श लेकर किया जाना चाहिए.

किसी भी लोक अभिलेख को जब तक नष्ट नहीं किया जावेगा जब तक कि इसका अंकन न कर दिया गया हो.

अभिलेख सृजक अभिकरण एक वरिष्ठ अधिकारी को अभिलेखों को नष्ट किये जाने/निर्दान की एक सूची तैयार करेगा और यह भविष्य में निरिक्षण के लिए, स्वतंत्र रूप से अभिरक्षित होगी. 

अभिलेख अधिकारी अभिलेखों को अभिलिखित करने, अनुक्रमणिका बनाने, समीक्षा करने और उनको नष्ट करने के संबंध में एक अर्द्ध वार्षिक रिपोर्ट, यथास्थिति, महानिदेशक या अभिलेखागार प्रधान को भेजेगा.

अभिलेख अधिकारी, अभिलेखों की अवस्थिति में फेरबदल संबंधी छोटे छोटे टुकड़ों अथवा कागज अथवा फटे हुये टुकड़ों के आंकलन नष्ट किया जाना चाहिए.

मासिक रजिस्टर, पत्रावलियां जैसे भौतिक अभिलेख  के लिए विभाग, उनके लिए उस समय के सामान्य और  गोपनीय नियम के अनुसार कार्यवाही करेंगे और उनके लिए बनाए महानिदेशक के अभिलेख मेंटेन करने की अवधि का अनुपालन करेंगे. 

अभिलेख रिकॉर्ड अनुसूचियों की हर पांच वर्ष में एक बार समीक्षा होगी. अभिलेखों की समीक्षा एवं छंटाई सचिवालय के सारे विभागों के लिए सामान्य अभिलेखों के संबंध में अभिलेख अधिकारी, सहायक व वरिष्ठ सचिवालय अधिकारी, सहायक के परामर्श अभिलेख अधिकारी की छंटाई या नष्ट करने की कार्यवाही की जानी चाहिए.

सारे विभागाध्यक्ष कार्यालयों के अल्पायु एवं उनके अधीनस्थ कार्यालयों के लिए तय कार्यालय क्रियाविधि पुस्तिका के नियम-अभिलेख कक्ष के अनुच्छेद- 98 से 116 एवं परिशिष्ठ- छः अभिलेखों के अनुसार ऐसी कार्यवाही करेंगे. विभाग भौतिक पत्रावलियों को नियमानुसार नष्ट किए जाने से पूर्व राजकाज पर डिजिटली संरक्षित करेंगे. 

विभाग अपने अधीन सारी नष्ट की जानेवाली भौतिक पत्रावलियों को उचित रूप से स्केन करके ई-पत्रावलियों के ऑनलाइन मॉड्यूल राजकाज पर डिजिटली संरक्षित रखनी चाहिए ताकि भविष्य में आवश्यकता होने पर उक्त भौतिक पत्रावलियों को डिजिटल रूप से देखा जा सकें. सारे विभाग भौतिक अभिलेखों के निपटारे के लिए अभिलेखों को रखने की अवधि का पालन करेंगे.

सरकारी विभागों में दौरे के दौरान मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने विभाग अध्यक्षों को कहा था कि विभागों और सेक्शन्स में अटी पड़ी फाइलों के ढेर का उचित निपटारा किया जाए और कामकाज के लिए उचित जगह निकाली जाए ताकि राजकाज के काम तय गति से हो सके.