VIDEO: पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नसीहत, मूल कार्यकर्ताओं को दें प्राथमिकता, दल बदलू राजनीति पर उठाए सवाल, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: बीजेपी के 47 वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का संबोधन कई मायनों में खास रहा.राजे ने दल बदलू नेताओं पर चिंता जताई और सत्ता संगठन में मूल कार्यकर्ताओं की वकालत की.बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय को मारने का षडयंत्र रचा गया.जनसंघ से बीजेपी के सफर पर घनश्याम तिवाड़ी और डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी बात कही. बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय पर स्थापना दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ.पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने संगठन और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दल बदलने वाले नेताओं और अवसरवादी राजनीति पर खुलकर चिंता जताई.

उन्होंने कहा कि पार्टी को सबसे बड़ा खतरा उन लोगों से है जो स्वार्थ के लिए दल बदलते हैं और संगठन की विचारधारा के प्रति निष्ठावान नहीं होते. राजे ने कहा कि कई ऐसे लोग होते हैं जो दल तो बदल लेते हैं, लेकिन उनका दिल और मानसिकता नहीं बदलती. ऐसे लोग सिर्फ अपने स्वार्थ के लिए काम करते हैं और पार्टी की मूल भावना से उनका कोई जुड़ाव नहीं होता. वहीं उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो दल बदलने के बाद पूरी तरह पार्टी में घुल-मिल जाते हैं, जैसे दूध और शक्कर एक हो जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद संगठन को सतर्क रहने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि वे हमेशा इस बात पर जोर देती रही हैं कि भाजपा के मूल विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ताओं को हर समय सम्मान मिलना चाहिए. संगठन की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता होते हैं, न कि वे लोग जो केवल अपने हितों के लिए पार्टी का उपयोग करते हैं.

राजे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सबसे बड़ा खतरा उन लोगों से है जो पहले अपना हित देखते हैं और पार्टी के भविष्य की चिंता नहीं करते. उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जहां नेता एक दल से चुनाव जीतकर दूसरे दल में चले जाते हैं, और फिर वहां से जीतकर वापस लौट आते हैं. इस प्रकार की राजनीति को उन्होंने संगठन के लिए गंभीर चुनौती बताया. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी हटाने का षड्यंत्र रचा गया. आज कांग्रेस नेता शशि थरूर, मनीष तिवारी और आनंद शर्मा हमारी प्रशंसा कर रहे.

वसुंधरा राजे ने नियुक्तियों को लेकर कहा कि दायित्व देने से पहले कार्यकर्ताओं की पृष्ठभूमि और उनकी विचारधारा की प्रतिबद्धता को बार-बार जांचना आवश्यक है. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके कार्यकाल में भी इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता था कि भाजपा के मूल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाए, जो बचपन से पार्टी की विचारधारा से जुड़े रहे हैं. उन्होंने कहा कि भाजपा का मूल सिद्धांत यही रहा है कि विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया जाना चाहिए. 

राजे ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा.उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण विचारधारा और नैतिकता होती है.  बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अपने संबोधन में कहा कि आधी रोटी बांट बांट कर खाकर इस पार्टी को सींचा वसुंधरा जी महलों में पली बढ़ी. राजमाता साहेब जेल में गई कितनी तपस्या के बाद आज पौधा आज वट वृष बना मैं भावुक बहुत हूं. जब वसुंधरा जी बोल रही थी तब मैं बहुत भावुक हो गया था.

राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि भाजपा की जड़ें जनसंघ से जुड़ी हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति को समझने के लिए श्यामाप्रसाद मुखर्जी और भीमराव अंबेडकर के पत्रों का अध्ययन करना आवश्यक है, जो उन्होंने जवाहरलाल नेहरू को इस्तीफे के दौरान लिखे थे. उन्होंने इन पत्रों को ऐतिहासिक धरोहर बताया और कहा कि जनसंघ की स्थापना भी त्याग और बलिदान की नींव पर हुई थी.कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो कार्यकर्ता आधारित है. पार्टी विचारधारा से भटक कर चले गए थे, उनको कुछ नहीं मिला. आपातकाल के दौरान हमने बहुत यातनाएं सही. संघ की शाखा से हमने संस्कार लिए है. राष्ट्र हमारे लिए सर्वोपरि है.