मोदी सरकार का शानदार प्रबंधन, मुनाफे के पटरी पर भारतीय रेलवे की दौड़

मोदी सरकार का शानदार प्रबंधन, मुनाफे के पटरी पर भारतीय रेलवे की दौड़

नई दिल्ली : मोदी सरकार के शानदार प्रबंधन से भारतीय रेलवे मुनाफे के पटरी पर की दौड़ पड़ी है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में भारतीय रेलवे ने 2 हजार 660 करोड़ का अधिशेष अर्जित किया है. वर्ष 2024-25 में रेलवे की ओर से 60,239 करोड़ की सब्सिडी दी गई थी. प्रत्येक यात्री को औसतन 43% के बराबर रेल यात्रा में छूट मिली. 

साल 2013-14 में 29,055 करोड़ की सकल बजटीय सहायता मिली थी. वहीं 2026-27 में बढ़कर 2 लाख 78 हजार 30 करोड़ की सकल बजटीय सहायता हो गई. साल 2009-14 में कमीशन किए गए नए रेलपथ 7599 किलोमीटर यानी 4.2 किमी प्रतिदिन थे. 2015-25 में कमीशन किए गए नए रेलपथ बढ़कर 34 हजार 425 किमी यानी 8.6 किमी प्रतिदिन हो गए. यानी 2 गुना से अधिक नए रेलपथ कमीशन किए गए. 

भारतीय रेलवे में मिशन मोड में विद्युतीकरण कार्य:
भारतीय रेलवे में मिशन मोड में विद्युतीकरण कार्य अब तक लगभग 99.4% बड़ी लाइन नेटवर्क का हुआ, साल 2014 से पूर्व 21 हजार 801 मार्ग किमी पर विद्युतीकृत हुआ था. वहीं, 2014 से साल 2025 तक 46 हजार 900 मार्ग किमी विद्युतीकृत हुआ है. वित्तीय वर्ष 2025 के अनुसार 431 रेल अवसरंचना परियोजनाओं को स्वीकृति मिली. 6 लाख 75 हजार करोड़ की लागत से 35 हजार 966 किमी की लंबाई की योजनाएं. 431 रेल अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी मिली. इसमें 154 नई लाइन, 33 आमान परिवर्तन और 244 दोहरीकरण को स्वीकृति मिली.