JDA चाहता है उत्तरी रिंग रोड का निर्माण करना, राज्य सरकार को भेजा प्रस्ताव, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजधानी में प्रस्तावित उत्तरी रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी खबर है. जेडीए चाहता है कि इस प्रोजेक्ट का निर्माण अपने हाथों में लेना चाहता है. इसके लिए जेडीए ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भी भेज दिया है. 

जयपुर शहर में अजमेर रोड से टोंक रोड और टोंक रोड को आगरा रोड से जोड़ने के लिए दक्षिणी रिंग रोड का निर्माण किया जा चुका है. लेकिन अजमेर रोड से दिल्ली रोड और अजमेर रोड जाने वाले वाहन अब भी शहर की घनी आबादी वाले इलाकों से गुजर रहे हैं. इन राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ने के लिए 3 हजार करोड़ रुपए से अधिक लागत का उत्तरी रिंग रोड प्रोजेक्ट प्रस्तावित है. वर्तमान में इस प्रोजेक्ट के निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI)के पास है. एनएचएआई की ओर से प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है. लेकिन अब जेडीए चाहता है कि इस प्रोजेक्ट के निर्माण की जिम्मेदारी उसे दी जाए. इसको लेकर जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने नगरीय विकास विभाग को पत्र भी लिख दिया है.

उत्तरी रिंग प्रोजेक्ट की कुल लंबाई है करीब 100 किलोमीटर
आगरा रोड से सी जोन बायपास तक 45 किलोमीटर लंबाई में
बायपास से अजमेर रोड तक 52 किमी लंबाई में बनना है प्रोजेक्ट
10दिसंबर 2024 को राइजिंग राजस्थान सम्मिट में की थी घोषणा
केन्द्रीय सड़क परिवन मंत्री नितिन गडकरी ने की थी घोषणा
उत्तरी रिंग रोड प्रोजेक्ट के निर्माण की घोषणा की थी
इसके बाद 6 नवबंर 2025 को NHAIने की जारी
भूमि अवाप्ति की कार्यवाही शुरू करने की अधिसूचना की जारी
जेडीए का मानना है कि घोषणा के बाद भी नहीं हुई अपेक्षित प्रगति
केन्द्रीय मंत्री गडकरी की घोषणा के बाद भी नहीं हुई अपेक्षित प्रगति
घोषणा के 1 वर्ष बाद भी प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर नहीं हुई प्रगति
इस प्रोजेक्ट को लेने को लेकर जेडीए का तर्क है कि
जेडीए के क्षेत्राधिकार बढ़कर हो गया है 6 हजार वर्ग किलोमीटर
क्षेत्राधिकार में आए नवीन क्षेत्र के समग्र विकास के लिए है जरूरी
उत्तरी रिंग रोड कोरिडोर का निर्माण शीघ्र किया जाना है जरूरी
रिंग रोड के निर्माण से इस क्षेत्र में हो सकेगा एकीकृत विकास
बुनियादी ढांचे का किया जा सकेगा एकीकृत विकास
उत्तरी रिंग रोड बनने के बाद इससे लगते भाग को जोड़ा जाएगा
मास्टर प्लान व जोनल प्लान की सड़कों से जोड़ा जाएगा
जेडीए अगर इस प्रोजेक्ट का काम लेता है हाथ में तो
पूरे क्षेत्र का समग्र रूप से विकसित किया जाना संभव हो सकेगा
इस प्रोजेक्ट को लेने को लेकर जेडीए का दूसरा तर्क है कि
जयपुर शहर में है यातायात का भारी दबाव
अजमेर रोड से दिल्ली रोड और
आगरा रोड जाने वाले भारी वाहन गुजरते हैं शहर से
इससे शहर में और बढ़ जाता है यातायात दबाव
साथ ही शहर में होती है वायु प्रदूषण में बढ़ोतरी
जेडीए का तीसरा तर्क है कि
देश में वर्तमान में प्रति हजार की आबादी पर कारों की संख्या है 40
जबकि विकसित देशो में यह अनुपात 600 से 800 कारों का है
भारत विकसित देश बनने की ओर है अग्रसर
भारत में प्रति हजार आबादी पर कारों की संख्या बढ़ने की है तेजी से संभावना
इसके कारण उत्तरी रिंग रोड के टोल से होगी राजस्व में बढ़ोतरी
अगर यह प्रोजेक्ट जेडीए को दिया जाता है
तो जेडीए प्राथमिकता के आधार प्रोजेक्ट का काम जल्द कर सकता है पूरा
दक्षिणी रिंग रोड से हर महीने करीब 10 करोड़ रुपए का है टोल संग्रहण
यह प्रोजेक्ट दीर्घकालीन रूप में वित्तीय दृष्टिकोण के लिहाज से होगा लाभकारी
जेडीए के लिए यह प्रोजेक्ट होगा लाभकारी

इस उत्तरी रिंग रोड प्रोजेक्ट के एलाइनमेंट को लेकर एनएचएआई की ओर से तीन विकल्प प्रस्तावित किए गए थे. इसके बाद इसमें एक विकल्प को फाइनल किया गया है. जेडीए को अगर यह प्रोजक्ट दिया जाता है तो वह इस निर्माण कैसे करेगा, इसका भी खाका जेडीए की ओर से भेजे गए इस प्रस्ताव में दिया गया है. 

सरकार को भेजे प्रस्ताव में जेडीए की ओर से कहा गया है कि
जेडीए इस प्रोजेक्ट का निर्माण पीपीपी के आधार पर करेगा
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर करेगा प्रोजेक्ट का निर्माण
प्रोजेक्ट निर्माण का संपूर्ण खर्च अनुबंधित फर्म वहन करेगी
और प्रोजेक्ट के लिए भूमि की उपलब्धता जेडीए करेगा सुनिश्चित
अनुबंध अवधि पूरी होने के बाद जेडीए की होगी नियमित आय
टोल वसूली से जेडीए को होगी नियमित आय
सरकार को भेजे प्रस्ताव में जेडीए ने किया है स्पष्ट
उत्तरी रिंग के एलाइनमेंट को लेकर किया है स्पष्ट
इस प्रस्ताव के अनुसार NHAI ने जो तय किया है एलाइनमेंट
उसी एलाइनमेंट के अनुसार ही जेडीए करेगा निर्माण
उसी एलाइनमेंट के अनुसार ही प्रोजेक्ट का करेगा निर्माण