जयपुरः राजधानी के कालवाड़ रोड होते हुए खातीपुरा तक के इस पूरे रूट पर बरसाती पानी के भराव की समस्या से दिसंबर 2026 तक शहर की बड़ी आबादी को निजात मिलेगी. यहीं नहीं बरसाती पानी को भूगर्भ तक पहुंचाया जाएगा.
जेडीए की कार्यकारी समिति की पिछले दिनों बैठक हुई थी. इस बैठक में 33 करोड़ रुपए की लागत से कालवाड़ रोड से खिरणी फाटक होते हुए खातीपुरा तक ड्रेनेज प्रोजेक्ट को मंजूरी दी गई. जबकि खातीपुरा से आगे झोटवाड़ा व आर्मी एरिया होते हुए द्रव्यवती नदी तक ड्रेनेज का काम पहले से चल रहा है. इस प्रोजेक्ट की कुल लागत है करीब 12.50 करोड़ रुपए. आपको सबसे पहले प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी और इस प्रोजेक्ट से होने वाले फायदे की देते हैं जानकारी--
बरसाती पानी के भराव की समस्या से मिलेगी निजात
कालवाड़ रोड से खिरनी फाटक होते हुए खातीपुरा तक मिलेगी निजात
इस पूरे रूट में विभिन्न स्थानों पर पानी भराव से मिलेगी निजात
40 हजार से अधिक आबादी को मिलेगी इस समस्या से मिलेगी निजात
दिसंबर 2026 तक पानी भराव की समस्या से मिलेगा छुटकारा
इस पूरे रूट में किया जाएगा ड्रेनेज सिस्टम का काम
इस पूरे रूट में पौने नौ किलोमीटर लंबाई में होगा ड्रेनेज का काम
इस कार्य की कुल लागत है 33 करोड़ रुपए
खातीपुरा से झोटवाड़ा होते हुए आर्मी एरिया तक चल रहा है काम
जेडीए की ओर से ड्रेनेज का पहले से किया जा रहा है काम
32 सौ मीटर लंबे इस कार्य की लागत है करीब 12.50 करोड़ रुपए
इस काम को पूरा करने की डेडलाइन मई 2026 है
इस प्रोजेक्ट में विभिन्न स्थानों से एकत्र पानी पहुंचाया जाएगा
विभिन्न स्थानों से एकत्र बरसाती पानी पहुंचाया जाएगा द्रव्यवती नदी में
इस तरह दिसंबर 2026 पानी भराव की समस्या से मिलेगा छुटकारा
प्रोजेक्ट का निर्माण करने वाली एजेंसी की करेगी संचालन व रखरखाव
तीन साल तक प्रोजेक्ट का करेगी संचालन व रखरखाव
इस प्रोजेक्ट में ना केवल बरसाती पानी के भराव की समस्या खत्म होगी. बल्कि नई तकनीक का इस्तेमाल करके बरसाती पानी के अधिकांश हिस्से को भूगर्भ तक पहुंचाया जाएगा. जल संरक्षण के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मैडेंट को पूरा करने में जेडीए लगा हुआ है. इसी के चलते इस प्रोजेक्ट में इस नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. आपको बताते है कि क्या है यह तकनीक और इसके माध्यम से किस तरह बारिश का पानी भूगर्भ तक पहुंचेगा.
जल संरक्षण के मुख्यमंत्री के मैडेंट को पूरा करने में लगा जेडीए
प्रदेश में पहली बार जेडीए करेगा नई तकनीक का उपयोग
ड्रैनेज के साथ वर्षा जल संरक्षण के लिए करेगा तकनीक का उपयोग
मॉड्यूलर वाटर हार्वेस्टिंग पिट तकनीक का किया जाएगा उपयोग
प्रदेश में पहली बार बरसाती पानी के संरक्षण के लिए होगा उपयोग
कालवाड़ रोड से खिरणी फाटक होते हुए खातीपुरा तक होगा काम
इस पूरे प्रोजेक्ट में बरसाती पानी को पहुंचाया जाएगा द्रव्यवती नदी में
नदी में पानी जाने से पहले उसका अधिकतर हिस्सा पहुंचेगा भूगर्भ में
इस नई तकनीक से पानी का अधिकतर हिस्सा पहुंचेगा भूगर्भ में
लगभग ढाई करोड़ रुपए जेडीए इस तकनीक पर करेगा खर्च
इस नई तकनीक के तहत कालवाड़ रोड पर ही बनाई जाएगी पिट
यहां ड्रेनेज के मुहाने पर ही मॉड्यूलर वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बनेगा
ताकि बरसाती पानी ड्रेनेज में जब प्रवेश करे तो चला जाए भूगर्भ में
पानी का अधिकतर हिस्सा इस स्ट्रक्चर से चला जाए भूगर्भ में
शेष बचा ओवरफ्लो पानी चला जाएगा प्री कास्ट ड्रेन में
खातीपुरा में खुले एरिया में बनाए जाएंगे वाटर हार्वेस्टिंग के बड़े टैंक
ताकि ड्रेन में बहने वाला अधिकांश पानी चला जाए इन टैंकों में
शेष पानी यहां खातीपुरा ओवरब्रिज के पास से गणेश मंदिर तक जाएगा
यहां से यह पानी फाइनली पहुंच जाएगा द्रव्यवती नदी में
वर्षा जल संरक्षण की मॉड्यूलर वाटर हार्वेस्टिंग तकनीक का इस्तेमाल राष्ट्रपति भवन और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स में किया जा चुका है. लेकिन प्रदेश में पहली बार जेडीए की ओ इस तकनीक का उपयोग किया जाएगा.