जयपुर : चिकित्सा शिक्षा विभाग में सेवारत चिकित्सकों की लेटरल एंट्री, AE-BAS की उपस्थिति को वेतन से लिंक करने के विरोध में मेडिकल टीचर्स ने आज से मोर्चा खोल दिया है.
राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले मेडिकल टीचर्स ने एसएमएस के मुख्य पोर्च पर धरना शुरू किया. धरने के पहले दिन भैरूजी के वाहन "श्वान" को बतौर "प्रतीक" के धरने पर बैठाया गया और सरकार के फैसले पर नारेबाजी की गई है.
आखिर क्यों नाराज हो रहे मेडिकल टीचर्स:
-दरअसल, NMC ने सेवारत चिकित्सकों को दिया है मेडिकल टीचर बनने का मौका
-अधिसूचना की पालना को लेकर गठित कमेटी पर चिकित्सक शिक्षकों की आपत्ति
-मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन ने कमेटी के गठन की कड़े शब्दों में की है निंदा
-उनका कहना है कि सेवारत चिकित्सकों को टीचिंग के पेश में समायोजित करना गलत
-इस कदम को बताया गया चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सक शिक्षकों के हितों से विरूद्ध
-इसके साथ ही विभाग ने NMC के उपस्थिति सिस्टम AE-BAS को किया इंटरलिंक
-इनेबल बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम/फेस AE-BAS को किया वेतन भुगतान से कनेक्ट
-यानी जिस मेडिकल टीचर की AE-BAS में नहीं होगी उपस्थिति,वो माना जाएगा अनुपस्थित
-सभी मेडिकल कॉलेज में सितंबर माह से ही लागू की गई है वेतन की नई व्यवस्था
-ऐसे में लेटलतीफ चिकित्सकों में मची खलबली, जिसके चलते विरोध में खोला गया मोर्चा