VIDEO: राजस्थान यूनिवर्सिटी में NSUI का जोरदार प्रदर्शन, दो दर्जन से अधिक छात्र नेता हिरासत में, RSS कार्यक्रम के विरोध में उठा छात्र संगठनों का स्वर, देखिए ये रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था राजस्थान विश्वविद्यालय शुक्रवार को उस समय राजनीतिक संग्राम का अखाड़ा बन गई, जब भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन NSUI ने विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रम के आयोजन को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. हालात इस कदर बिगड़ गए कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और दो दर्जन से अधिक छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया. पूरे घटनाक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा. 

राजस्थान यूनिवर्सिटी में मरूधरा नारी शसक्तिकरण संगठन की ओऱ से आयोजित हो रहे कार्यक्रम को लेकर एनएसयूआई का आरोप है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में आरएसएस से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जो विश्वविद्यालय के नियमों और शैक्षणिक गरिमा के खिलाफ है. NSUI का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर को शिक्षा और शोध तक सीमित रहना चाहिए, न कि किसी विशेष विचारधारा या संगठन के प्रचार-प्रसार का मंच बनना चाहिए. प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और छात्र नेता हाथों में तख्तियां लिए, नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर कर रहे थे.

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन जानबूझकर नियमों को ताक पर रखकर एक विशेष संगठन को संरक्षण दे रहा है. जैसे ही प्रदर्शन तेज हुआ, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए. पुलिस ने एनएसयूआई के दो दर्जन से अधिक छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर ले जाया गया, जिससे प्रदर्शनकारियों में और आक्रोश फैल गया.

छात्रों का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन से भी रोका गया और जबरन गिरफ्तार किया गया. एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश चौधरी ने इस पूरे मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा राजस्थान यूनिवर्सिटी शिक्षा का केंद्र है. यहां आरएसएस जैसे संगठन का कार्यक्रम आयोजित करना विश्वविद्यालय के नियमों और संविधान की भावना के खिलाफ है. इसके बावजूद मनमाने तरीके से कार्यक्रम कराया जा रहा है. यह सीधे-सीधे शैक्षणिक संस्थानों के राजनीतिक इस्तेमाल का मामला है.

प्रदर्शन और कथित कार्यक्रम को लेकर राजस्थान यूनिवर्सिटी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया. कार्यक्रम स्थल से लेकर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार, हॉस्टल क्षेत्र और शैक्षणिक भवनों तक पुलिस के जवान तैनात किए गए थे. किसी भी एनएसयूआई कार्यकर्ता को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने नहीं दिया गया. विश्वविद्यालय के भीतर आने-जाने वाले छात्रों की भी चेकिंग की गई, जिससे सामान्य छात्रों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा. कई छात्रों ने सवाल उठाया कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई के बजाय सुरक्षा व्यवस्था पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है.

जहां एक ओर एनएसयूआई ने इस कार्यक्रम को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने इसके जवाब में एनएसयूआई पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का आरोप लगाया. ABVP के पदाधिकारी भारत भूषण यादव ने कहा कि NSUI का यह पूरा आंदोलन राजनीति से प्रेरित है. विश्वविद्यालय में इस तरह के शैक्षणिक और वैचारिक कार्यक्रम पहले भी होते रहे हैं.

एनएसयूआई सस्ती लोकप्रियता हासिल करने और माहौल खराब करने के लिए बेवजह प्रदर्शन कर रही है. भारत भूषण यादव ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय में विचार-विमर्श और वैचारिक कार्यक्रम होना गलत नहीं है और एनएसयूआई जानबूझकर छात्रों को गुमराह कर रही है. राजस्थान यूनिवर्सिटी में हुआ यह घटनाक्रम एक बार फिर इस सवाल को खड़ा करता है कि क्या शैक्षणिक संस्थाएं राजनीति से अछूती रह सकती हैं? एक ओर छात्र संगठन अपने-अपने विचारधाराओं के नाम पर प्रदर्शन कर रहे हैं, तो दूसरी ओर प्रशासन और पुलिस व्यवस्था लॉ एंड ऑर्डर संभालने में जुटी है.