OTS में संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह, सीएम भजनलाल बोले- योजना क्रियान्वयन में तालमेल से काम होने पर विकास दिखेगा, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि योजनाओं का खाका इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि आनेवाले कई सालों की जरूरतों को पूरा कर सके. ओटीएस में संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अभी योजना बनती है लेकिन उसके धरातल पर आने के साथ ही उससे जुड़ी जरूरतें बढ़ जाती हैं और ऐसे में योजनाओं को बीस पच्चीस साल के विजन के साथ बनानी चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि योजना क्रियान्वयन में तालमेल से काम होने पर विकास होता हुआ दिखेगा. 

HCM रीपा में सीएम भजनलाल शर्मा ने नीति आयोग के तहत संपूर्णता अभियान में उत्कृष्ट काम करने वाले जिलों और ब्लॉकों के अधिकारियों को सम्मानित किया. कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय और बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के अंत्योदय के विचारों को समाहित करते हुए आशान्वित जिला और आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम की शुरूआत की. इससे अंतिम पायदान के व्यक्ति को राहत दी जा रही है और विकसित भारत-विकसित राजस्थान के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ा जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार समावेशन को संस्थागत रूप देने और सुशासन को कार्यसंस्कृति का सबसे प्रमुख हिस्सा बनाने पर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश में क्षेत्रीय विषमताएं दूर कर पिछड़े जिलों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए जनवरी 2018 में आशान्वित जिला कार्यक्रम शुरू किया था. इस कार्यक्रम के तहत चयनित जिलों में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन व कौशल विकास और बुनियादी ढांचे जैसे पांच महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के बारां, जैसलमेर, धौलपुर, करौली और सिरोही जिलों को इसमें शामिल किया गया. वहीं वर्ष 2023 में प्रारम्भ हुए आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम में राजस्थान के 27 ब्लॉकों को भी शामिल किया गया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों और ब्लॉक्स ने नीति आयोग द्वारा निर्धारित विभिन्न मानकों पर अच्छी प्रगति की है. ये कार्यक्रम जिला और ब्लॉक्स को समग्र विकास की प्रक्रिया में ला रहे हैं. इससे नागरिकों की आर्थिक समृद्धि और उनका सामाजिक समावेशन सुनिश्चित हो रहा है. शर्मा ने कहा कि इन कार्यक्रमों के तहत देशभर में सुशासन, समावेशी विकास और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जुलाई से सितंबर 2024 तक संपूर्णता अभियान चलाया गया, जिसे अभूतपूर्व सफलता मिली है. शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछड़े जिलों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अहम कार्यक्रम शुरू किए हैं. गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना के तहत राज्य के हर जिले से एक ब्लॉक का चयन किया गया है. प्रदेशभर में कुल 41 आकांक्षी ब्लॉकों में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण, कृषि व संबद्ध सेवाएं, आधारभूत संरचना, कौशल विकास और सामाजिक विकास जैसे क्षेत्रों में नवाचारों को बढ़ावा देकर उन्हें विकसित ब्लॉकों की श्रेणी में लाने का संकल्प लिया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, सतत् विकास तथा समावेशी प्रगति को केंद्र में रखते हुए राज्य सरकार ‘विकसित राजस्थान/2047’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार कर रही है. उन्होंने कहा कि इस डॉक्यूमेंट में भविष्य की जनसंख्या के अनुरूप दीर्घकालीन योजनाओं को समाहित किया जा रहा है. यह विकसित राजस्थान-2047 के संकल्प को सिद्धि तक लेकर जाएगा.शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने हरियालो राजस्थान महाअभियान की पहल की है. यह पहल जनसहभागिता के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर रही है. उन्होंने कहा कि हरियाली तीज के पावन पर्व पर प्रदेशभर में ढ़ाई करोड़ पौधारोपण कर रिकॉर्ड बनाया है. इस वर्ष राज्य सरकार ने 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सम्पूर्णता अभियान के तहत नीति आयोग की ओर से स्थापित 6 प्रमुख संकेतकों की संतृप्ति में अच्छा प्रदर्शन करने वाले 5 जिलों और 23 ब्लॉकों को अलग अलग श्रेणियों में सम्मानित किया. 

उन्होंने 6 प्रमुख संकेतकों की पूर्ण संतृप्ति वाले जिले करौली को स्वर्ण पदक और 4 प्रमुख संकेतकों की पूर्ण संतृप्ति वाले 4 जिलों बारां, धौलपुर, जैसलमेर एवं सिरोही को कांस्य पदक से सम्मानित किया.

साथ ही आशान्वित ब्लॉक कार्यक्रम के अन्तर्गत 6 प्रमुख संकेतकों की पूर्ण संतृप्ति वाले 3 ब्लॉकों जायल (नागौर), रानी (पाली) और खैरवाड़ा (उदयपुर) को स्वर्ण पदक के साथ ही शेष ब्लॉकों को रजत, कांस्य एवं ताम्रपत्र श्रेणी में पुरस्कार वितरित किए गए. इस दौरान सात तत्कालीन जिला कलेक्टर्स को भी सम्मानित किया.  

सीएस सुधांश पंत ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से जब किसी जिले को एक- दो करोड़ की राशि मिलती है तब जिलों में आपस में स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना पनपती है. नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव रोहित कुमार ने कहा कि प्रदेश के पाँच आकांक्षी जिलों में से तीन ने छह में से तीन संकेतक पूरे किए और इसी तरह सत्ताईस में से तेइस ब्लॉकों ने तीन संकेतक पूरे किए .

इस दौरान एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रेया गुहा और आयोजना विभाग में प्रमुख सचिव भवानी सिंह देथा सहित संबंधित विभागों और जिलों के अधिकारी मौजूद रहे.