VIDEO: डिजिटल ठगी पर राजस्थान पुलिस सख्त, निवेशकों के लिए जारी की सुरक्षा एडवाइजरी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर शाखा ने निवेशकों के लिए विशेष सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है. चेतावनी में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी प्रकार का निवेश या ट्रेडिंग भुगतान करने से पहले संबंधित यूपीआई आईडी, क्यूआर कोड या बैंक खाता संख्या का “SEBI Check” के माध्यम से सत्यापन अवश्य करें.

साइबर शाखा के उपमहानिरीक्षक पुलिस विकास शर्मा ने बताया कि ठग अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं. वे फर्जी निवेश योजनाओं, शेयर बाजार में त्वरित लाभ, क्रिप्टो ट्रेडिंग और विदेशी फंड के नाम पर लोगों को लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं. कई मामलों में पीड़ितों से लाखों रुपए ठगे जा चुके हैं. ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अर्थात भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने निवेशकों को सत्यापन की सुविधा उपलब्ध कराई है, जिसे “SEBI Check” कहा जाता है.

डिजिटल ठगी से सावधान!
-निवेशक सबसे पहले SEBI Saathi App डाउनलोड करें या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
-होमपेज पर उपलब्ध “SEBI Check” विकल्प पर क्लिक करें.
-इसके बाद संबंधित व्यक्ति या संस्था का क्यूआर कोड अपलोड करें या उनकी यूपीआई आईडी अथवा बैंक खाता संख्या दर्ज करें.
-सिस्टम यह जांच करेगा कि दिया गया भुगतान विवरण सेबी-पंजीकृत मध्यस्थ से जुड़ा है या नहीं
-यदि स्क्रीन पर “UPI ID is valid” प्रदर्शित होता है.
-तो इसका अर्थ है कि संबंधित यूपीआई आईडी सेबी-पंजीकृत इंटरमीडियरी से जुड़ी है और लेनदेन अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा सकता है.
-वहीं “UPI ID is invalid” दिखने पर समझ लें कि वह आईडी सेबी के रिकॉर्ड में पंजीकृत नहीं है.
-ऐसी स्थिति में भूलकर भी भुगतान न करें और संबंधित प्रस्ताव से दूरी बना लें.

राजस्थान पुलिस ने सलाह दी है कि निवेश केवल सेबी-पंजीकृत ब्रोकर या निवेश सलाहकार के माध्यम से ही करें. सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या अनजान कॉल के जरिए मिलने वाले “रातों-रात पैसा दोगुना” जैसे प्रस्तावों से सतर्क रहें. किसी भी व्यक्तिगत बैंक खाते में निवेश राशि जमा न करें. निवेश से पहले संबंधित संस्था की पंजीकरण स्थिति अवश्य जांचें. यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें.

इसके अतिरिक्त साइबर हेल्प डेस्क नंबर 9256001930 या 9257510100 पर संपर्क किया जा सकता है. ऑनलाइन शिकायत के लिए आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी रिपोर्ट दर्ज की जा सकती है. साथ ही निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन से तुरंत संपर्क करें. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है. एक छोटा सा “SEBI Check” निवेशकों की गाढ़ी कमाई को ठगों के हाथों में जाने से बचा सकता है.