मा योजना की तर्ज पर चलाएंगे RGHS स्कीम, चिकित्सा मंत्री बोले- योजना में वित्तीय अनियमिताएं चिंता का विषय

मा योजना की तर्ज पर चलाएंगे RGHS स्कीम, चिकित्सा मंत्री बोले- योजना में वित्तीय अनियमिताएं चिंता का विषय

जयपुरः मा योजना की तर्ज पर RGHS स्कीम चलाएंगे. निजी अस्पतालों के कैशलैस इलाज बन्द करने के मामले में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि RGHS योजना की जिम्मेदारी हाल ही में मिली है. योजना में जो भी खामियां सामने आई, उसके बारे में हर पक्ष से चर्चा की जा रही है. हम मरीजों से फीडबैक ले रहे, निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों से भी वार्ता हुई है. 

इसके अलावा सरकार के दृष्टिकोण से योजना के बेहतर क्रियान्वयन को देखा जा रहा है. हमारी कोशिश है कि मा योजना की तरह RGHS स्कीम को भी इंश्योरेंस मोड पर लाएं. ताकि हेराफेरी की कोई गुजांइश ही नहीं रहे और लाभार्थियों को बेहतर सेवाएं मिलें.   

निजी अस्पताल हमारे पार्टनर हैं, उन्हें जिम्मेदारी समझनी चाहिए. RGHS योजना में वित्तीय अनियमिताएं चिंता का विषय है. मा योजना में 2600 रुपए प्रति परिवार खर्चा आ रहा जबकि  RGHS में ये खर्चा 50 हजार है. पिछले दिनों ही हमें योजना की जिम्मेदारी मिली है, जिसको व्यवस्थित करने के प्रयास जारी हैं. हमारी कोशिश है कि स्कीम अच्छी हो जाए, लाभार्थियों को भी बेहतर इलाज मिले. फील्ड में हेराफेरी के जरिए योजना में हो रहे बेहिसाब खर्च पर भी अंकुश लगे. इस प्रयास में पार्टनर के रूप में काम कर रहे निजी अस्पतालों का भी सहयोग जरूरी है. आंदोलनरत निजी अस्पतालों से मंत्री ने अपील की. कि योजना को दुरूस्त कर रहे है. निजी अस्पताल थोड़ा सहयोग करें, यूं नाराज होकर काम छोड़ने से किसी का फायदा नहीं होगा.