VIDEO: पर्यटक वाहनों के नियम बदले, अब परमिट पूरी तरह ऑनलाइन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: देशभर में पर्यटक वाहनों के संचालन को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने अखिल भारतीय पर्यटक वाहन परमिट को लेकर बड़े बदलाव लागू कर दिए हैं. नए नियमों के तहत अब AITP परमिट के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे वाहन संचालकों को लंबी कतारों और दफ्तरों के चक्कर से राहत मिलेगी. परिवहन विभाग के अनुसार, अब परमिट के लिए आवेदन निर्धारित शुल्क के साथ संबंधित राज्य के परिवहन प्राधिकारी को ऑनलाइन माध्यम से ही करना होगा.

यह कदम डिजिटल इंडिया अभियान के तहत सेवाओं को सरल और सुलभ बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. नए नियमों में पर्यावरण संरक्षण को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है. इसके तहत इलेक्ट्रिक और एथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले पर्यटक वाहनों को बड़ी राहत दी गई है. ऐसे वाहनों को AITP परमिट के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा. सरकार का मानना है कि इससे ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिलेगा और प्रदूषण में कमी आएगी. इसके साथ ही पर्यटक वाहनों की गतिविधियों पर निगरानी को और सख्त किया गया है. अब कोई भी पर्यटक वाहन अपने होम स्टेट से बाहर 60 दिनों से अधिक समय तक नहीं रुक सकेगा. यह नियम उन मामलों पर रोक लगाने के लिए लाया गया है, जहां वाहन लंबे समय तक दूसरे राज्यों में अवैध रूप से संचालित होते थे.

यात्रियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक और महत्वपूर्ण प्रावधान जोड़ा गया है. अब सभी पर्यटक वाहनों के लिए यात्रियों की सूची रखना अनिवार्य कर दिया गया है, चाहे वह सूची ऑनलाइन हो या लिखित. बिना सूची वाले यात्रियों को वाहन में बैठाने या उतारने की अनुमति नहीं होगी. इससे सुरक्षा एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति में यात्रियों की पहचान करने में आसानी होगी. तकनीकी सुरक्षा के लिहाज से भी नए नियम काफी सख्त हैं. अब सभी पर्यटक वाहनों में GPS सिस्टम और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है. 

GPS के जरिए वाहनों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैक की जा सकेगी, जबकि पैनिक बटन आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने में सहायक होगा. नियमों के उल्लंघन पर भी कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है. यदि कोई वाहन 45 दिनों से अधिक समय तक नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इसमें परमिट निलंबन या रद्द करने तक के कदम शामिल हो सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों से पर्यटक परिवहन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध संचालन पर रोक लगेगी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया से भ्रष्टाचार में कमी आने और कार्यप्रणाली में तेजी आने की उम्मीद है.